छत्तीसगढ़ के किसान लोकेंद्र साहू ने सूर्यकुमार यादव के जन्मदिन पर भेंट करने के लिए 2 लाख रुपये खर्च कर बनवाई मूर्ति, 1100 किलोमीटर दूर मुंबई भेजी
मुंबई। किसी खिलाड़ी के प्रति प्रशंसक का प्यार किस हद तक जा सकता है, इसकी एक अनोखी मिसाल छत्तीसगढ़ से सामने आई है। भारतीय क्रिकेटर सूर्यकुमार यादव के प्रशंसक और किसान लोकेंद्र साहू ने उनके जन्मदिन 14 सितंबर के अवसर पर भेंट करने के लिए उनकी आदमकद प्रतिमा तैयार करवाई है।

बताया गया है कि इस प्रतिमा को बनवाने में लोकेंद्र साहू ने अपनी खेती से कमाए करीब 2 लाख रुपये खर्च किए हैं। प्रतिमा को छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के अर्जुंदा तहसील अंतर्गत देवगहन गांव से करीब 1100 किलोमीटर दूर मुंबई भेजा गया है।
किसान रह चुके हैं पूर्व सरपंच, कभी क्रिकेट सीखने मुंबई आए थे
लोकेंद्र साहू देवगहन गांव के रहने वाले किसान हैं और गांव के पूर्व सरपंच भी रह चुके हैं। करीब 25 वर्ष पहले युवा अवस्था में पढ़ाई छोड़कर वे क्रिकेट की कोचिंग लेने मुंबई आए थे।
हालांकि, पिता और दादा के असमय निधन के बाद उन्हें अपना सपना छोड़कर गांव लौटना पड़ा। इसके बाद उन्होंने खेती के साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाई।
शहीद जवानों की 18 प्रतिमाएं भी लगवा चुके हैं
लोकेंद्र साहू की देशभक्ति से जुड़ी पहल भी चर्चा में रही है। करीब तीन वर्ष पहले उन्होंने अपनी खेती की जमीन बेचकर और पत्नी के गहने गिरवी रखकर लगभग 10 लाख रुपये खर्च किए और गांव में सड़क किनारे खेत के पास चबूतरा एवं गार्डन बनवाकर देश की रक्षा में शहीद हुए 18 जवानों की प्रतिमाएं स्थापित कराईं।
इन प्रतिमाओं में कारगिल युद्ध, 26/11 मुंबई हमले, पुलवामा हमले, गलवान घाटी और छत्तीसगढ़ के नक्सली हमलों में शहीद जवानों की प्रतिमाएं शामिल हैं।
लोकेंद्र साहू का कहना है कि वह देश की रक्षा में शहीद जवानों के प्रति अपना कर्ज चुकाने का प्रयास कर रहे हैं। उनका उद्देश्य युवा पीढ़ी को शहीदों की शहादत से परिचित कराना और उनके भीतर देशप्रेम की भावना को मजबूत करना है।
सूर्यकुमार यादव को गांव बुलाने की कोशिश
लोकेंद्र साहू की इच्छा है कि सूर्यकुमार यादव उनके गांव पहुंचें और शहीद परिवारों एवं दिव्यांगजनों के साथ मिलकर शहीदों की प्रतिमाओं का अनावरण करें।
इसके साथ ही वह चाहते हैं कि सूर्यकुमार यादव उनके गांव में भारत रत्न सचिन तेंदुलकर के नाम पर बने छह एकड़ के खेल मैदान का भी उद्घाटन करें और शहीदों की स्मृति में आयोजित होने वाले बड़े रक्तदान शिविर में शामिल हों।
लोकेंद्र साहू के मुताबिक, इस संबंध में वह कई महीनों से प्रयास कर रहे हैं। वह कई बार मुंबई भी जा चुके हैं, लेकिन अब तक सूर्यकुमार यादव से मुलाकात नहीं हो पाई है।
एशिया कप में सूर्यकुमार के फैसले से हुए प्रभावित
लोकेंद्र साहू ने बताया कि वह सूर्यकुमार यादव की उस पहल से भी प्रभावित हुए, जब पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने एशिया कप टूर्नामेंट में खेले अपने सभी मैचों की फीस दान करने का फैसला किया था।
बेटी के जन्म पर बनवाई थी सचिन तेंदुलकर की प्रतिमा
क्रिकेट के प्रति लोकेंद्र साहू की दीवानगी भी पुरानी है। करीब 10 वर्ष पहले अपनी छोटी बेटी तान्या के जन्म की खुशी में उन्होंने भारत रत्न सचिन तेंदुलकर की मूर्ति बनवाई थी। इसे गांव के खेल मैदान में चबूतरा बनाकर स्थापित किया गया है।
दो मूर्तिकारों ने तैयार की सूर्यकुमार की प्रतिमा
सूर्यकुमार यादव की आदमकद प्रतिमा को छत्तीसगढ़ के युवा मूर्तिकार नरेंद्र देवांगन और अमरकंटक, मध्य प्रदेश के जयपाल ठाकुर ने मिलकर तैयार किया है।
एक किसान, क्रिकेट प्रेमी और समाजसेवी की यह पहल अब सूर्यकुमार यादव तक उनकी प्रशंसा और सम्मान पहुंचाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है।
सैय्यद जाहिद अली रियासत की रिपोर्ट।



