विधायक विलास तरे के प्रयासों से साकार हुआ गणेश घाट, ग्राम पंचायत की पहल से श्रद्धालुओं को मिली सुविधा
मनोर, पालघर। मनोर में डेढ़ दिन के गणपति बप्पा का भक्तिमय वातावरण में भावपूर्ण विसर्जन किया गया। ढोल-ताशों की गूंज और ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले वर्ष जल्दी आइए’ के जयघोष के बीच श्रद्धालुओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गणराय को विदाई दी। विसर्जन के दौरान पूरे क्षेत्र में उत्साह के साथ भावुक माहौल भी देखने को मिला।
गणेशोत्सव महाराष्ट्र के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का महत्वपूर्ण पर्व है। गणेश चतुर्थी पर घरों और सार्वजनिक मंडलों में भगवान श्री गणेश की स्थापना की जाती है। डेढ़ दिन के बाद श्रद्धालु पूजा-अर्चना और आरती के बाद गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन करते हैं।
मनोर में तैयार हुआ गणेश विसर्जन घाट
इस वर्ष मनोर के गणेश भक्तों को विसर्जन के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध हुई। बोईसर विधानसभा क्षेत्र के विधायक विलास तरे के प्रयासों से मनोर में गणेश विसर्जन घाट का निर्माण किया गया है। घाट के तैयार होने से श्रद्धालुओं को प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान सुविधा मिली और प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में मदद मिली।
लोकप्रतिनिधियों और ग्राम पंचायत प्रशासन के समन्वय से तैयार किए गए इस घाट को लेकर स्थानीय नागरिकों ने संतोष व्यक्त किया। श्रद्धालुओं के लिए विसर्जन स्थल पर आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया।
सुरक्षा व्यवस्था के बीच हुआ विसर्जन
विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं ने भी शांति और अनुशासन के साथ गणपति बप्पा को विदाई दी।
‘गणपति बप्पा मोरया, अगले वर्ष जल्दी आइए!’ के जयघोष के बीच डेढ़ दिन के गणपति बप्पा का भावपूर्ण विसर्जन संपन्न हुआ।
संवाददाता : पराग यादव




