नालासोपारा मामले में 100 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिलने का दावा, दुष्कर्म की शिकायत के बाद आरोपी गिरफ्तार |

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किरीट सोमैया ने बड़े नेटवर्क की आशंका जताई; कथित डिजिटल सबूतों की फॉरेंसिक जांच और पूरे मामले की गहन पड़ताल की मांग

नालासोपारा, पालघर | रिपोर्ट: तृप्ति प्रमाण

नालासोपारा में महिलाओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से शुरू हुए विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। आरोपी आरिफ अय्यूब शेख के मोबाइल फोन में बड़ी संख्या में आपत्तिजनक वीडियो मिलने के दावे सामने आए हैं। इसी बीच, 12 अक्टूबर को एक युवती ने आरोपी के खिलाफ नालासोपारा पुलिस स्टेशन में दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

मामले में कथित वीडियो की संख्या, उनकी प्रकृति, संभावित अन्य पीड़ितों और डिजिटल सबूतों को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। हालांकि, इन दावों की वास्तविकता और उनसे जुड़े आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच तथा फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

9 अक्टूबर को विवाद के बाद बढ़ा मामला

जानकारी के अनुसार, 9 अक्टूबर को नालासोपारा पश्चिम के छेड़ानगर स्थित वेबकॉर्न जिम में गरबा खेलने आने वाली महिलाओं को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के बाद विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद आरोपी के मोबाइल फोन में 30 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो होने की बात सामने आई थी। अब वीडियो की संख्या 100 से अधिक होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की वास्तविक संख्या और उनकी प्रकृति की आधिकारिक पुष्टि अभी आवश्यक है।

किरीट सोमैया ने जताई बड़े नेटवर्क की आशंका

इस मामले को लेकर भाजपा नेता किरीट सोमैया नालासोपारा पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि गिरफ्तार 22 वर्षीय आरिफ इस मामले में केवल एक मोहरा हो सकता है और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की आशंका है। सोमैया ने ड्रग्स तथा कथित “लव जिहाद” नेटवर्क से जुड़े होने का भी आरोप लगाया। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सोमैया के मुताबिक, पुलिस को अब तक दो दर्जन से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें 15 से 17 वर्ष की नाबालिग लड़कियों से जुड़े वीडियो भी शामिल हैं। उनके अनुसार, वीडियो में ठाणे, बोरीवली, कांदिवली और नालासोपारा की लड़कियां होने की बात सामने आई है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन वीडियो को विदेशों में बेचकर कथित तौर पर पैसे कमाए जाते थे और पीड़ितों को डराया जाता था। इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

करीब छह पीड़िताओं के सामने आने का दावा

भाजपा नेता ने दावा किया कि अब तक करीब छह पीड़ित लड़कियां सामने आई हैं और उनके मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने पुलिस से मामले की तह तक जाने, संभावित अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच करने और सभी संबंधित पहलुओं की गहन पड़ताल करने की मांग की है। हालांकि, पीड़ितों की संख्या और शिकायतों की वर्तमान स्थिति की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है।

डिजिटल सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप

विश्व हिंदू महासंघ, मुंबई के प्रभारी प्रदीप मिश्रा ने भी मामले में कार्रवाई में कथित देरी और मोबाइल फोन से डिजिटल सबूत मिटाए जाने के आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि वीडियो विदेशी अश्लील वेबसाइटों पर अपलोड कर कथित तौर पर पैसे कमाए जा रहे थे। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मिश्रा ने मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने, मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करने तथा मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की पड़ताल करने की मांग की है।

फॉरेंसिक जांच और पुलिस की पड़ताल अहम

फिलहाल, पुलिस जांच जारी है। मामले में सामने आ रहे गंभीर दावों की पुष्टि जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी। विशेष रूप से नाबालिगों से जुड़े कथित वीडियो, संभावित डिजिटल शोषण और अन्य लोगों की भूमिका जैसे पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।

तृप्ति प्रमाण की संपादकीय टिप्पणी: वीडियो की संख्या, कथित नेटवर्क, पीड़ितों की संख्या और डिजिटल सामग्री से जुड़े आरोपों को आधिकारिक पुष्टि मिलने तक दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए। नाबालिगों की पहचान या उनकी निजी सामग्री का प्रसार नहीं किया जाना चाहिए।

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