पालघर-मनोर मार्ग पर निर्माण कार्य से नागरिक परेशान; इंजीनियरों ने दो दिनों में बाधाएं दूर करने का दिया आश्वासन
पालघर-मनोर | तृप्ति प्रमाण
पालघर जिले में 168 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 58 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना पर काम चल रहा है, लेकिन डहाणू के पारनाका से बोर्डी मार्ग पर एक पेड़ और टेलीफोन का खंभा यातायात में बाधा बने हुए हैं। इसके कारण स्कूली विद्यार्थियों, मुंबई जाने के लिए रेल से यात्रा करने वाले यात्रियों और स्थानीय नागरिकों को रोजाना जाम की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
जाईबोर्डी, रेवस रेड्डी से पालघर-पारगांव तक की इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के लिए 168 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। सड़क निर्माण का ठेका एस. बी. देशमुख को सौंपा गया है। हालांकि, निर्माण कार्य के दौरान यातायात में आ रही बाधाओं को लेकर स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं।
पेड़ और टेलीफोन का खंभा बन रहे यातायात में बाधा
डहाणू के पारनाका से बोर्डी मार्ग पर सड़क निर्माण के दौरान एक पेड़ और टेलीफोन का खंभा यातायात को प्रभावित कर रहे हैं। इनके कारण वाहनों की कतारें लग रही हैं और लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि सड़क निर्माण शुरू करने से पहले रास्ते में आने वाली बाधाओं को दूर करने और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था करने पर पर्याप्त ध्यान क्यों नहीं दिया गया।
इस समस्या का असर स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों, मुंबई जाने के लिए ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों और रोजाना इस मार्ग का इस्तेमाल करने वाले स्थानीय लोगों पर पड़ रहा है।
सुरक्षा गार्ड नहीं होने से यातायात नियंत्रण में परेशानी
निर्माण स्थल पर यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए सुरक्षा गार्डों की तैनाती नहीं होने की शिकायत भी सामने आई है। इससे यातायात नियंत्रित करने में पुलिसकर्मियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
सड़क निर्माण के दौरान उचित यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी दिशा-निर्देशों की व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है। स्थानीय स्तर पर उठ रही शिकायतों के बीच इन व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इंजीनियरों ने दो दिनों में बाधाएं दूर करने का दिया आश्वासन
मामले में संबंधित इंजीनियरों से पूछताछ किए जाने पर उन्होंने दो दिनों के भीतर पेड़ और टेलीफोन के खंभे को हटाने का आश्वासन दिया। साथ ही, ठेकेदार को सुरक्षा गार्ड नियुक्त करने के निर्देश दिए जाने की जानकारी भी दी गई।
अब देखना होगा कि आश्वासन के अनुसार बाधाएं कब दूर होती हैं और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
168 करोड़ की परियोजना में योजना और यातायात प्रबंधन पर सवाल
करीब 58 किलोमीटर लंबी सड़क परियोजना के लिए 168 करोड़ रुपये मंजूर किए जाने के बावजूद निर्माण मार्ग पर यातायात बाधाओं की शिकायतें सामने आ रही हैं। ऐसे में स्थानीय नागरिक निर्माण कार्य की योजना और यातायात प्रबंधन को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
पेड़ और टेलीफोन का खंभा हटाने की कार्रवाई कब पूरी होगी? सुरक्षा गार्डों की तैनाती कब होगी? और डहाणू के नागरिकों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत कब मिलेगी?
फिलहाल, संबंधित इंजीनियरों के आश्वासन के बाद नागरिकों की नजर प्रशासन और ठेकेदार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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