भायंदर के देवकी अपार्टमेंट हादसे के बाद प्रभावित परिवारों से मिले मंत्री प्रताप सरनाईक, एक महीने के भोजन की व्यवस्था |

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बेघर परिवारों के अस्थायी आवास के लिए एमएमआरडीए के खाली फ्लैट उपलब्ध कराने के निर्देश; खतरनाक इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट की जांच और मिनी क्लस्टर योजना पर विशेष बैठक के निर्देश

भायंदर। पूर्वी भायंदर के नवघर रोड स्थित 30 साल से अधिक पुराने देवकी अपार्टमेंट का एक बड़ा हिस्सा आधी रात के करीब अचानक ढह गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। राहत की बात यह रही कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। हालांकि, कई परिवारों के सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री एवं धाराशिव जिले के पालकमंत्री प्रताप सरनाईक प्रभावित परिवारों से मिलने पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रशासन को प्रभावित लोगों के लिए तत्काल राहत और अस्थायी आवास की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आवास और भोजन

मंत्री प्रताप सरनाईक ने महानगरपालिका आयुक्त को निर्देश दिया कि बेघर हुए परिवारों के अस्थायी आवास के लिए एमएमआरडीए के खाली फ्लैटों की व्यवस्था की जाए।

इसके साथ ही शिवसेना की ओर से प्रभावित परिवारों को एक महीने तक आवश्यक राशन और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी लेने की घोषणा की गई। इस व्यवस्था का उद्देश्य हादसे से प्रभावित परिवारों को शुरुआती समय में राहत पहुंचाना है।

स्ट्रक्चरल ऑडिट की जांच के निर्देश

देवकी अपार्टमेंट का बड़ा हिस्सा ढहने के बाद इमारतों की सुरक्षा जांच और स्ट्रक्चरल ऑडिट की प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं।

मंत्री सरनाईक ने सवाल किया कि यदि इमारत का स्ट्रक्चरल ऑडिट हुआ था, तो उसका बड़ा हिस्सा कैसे ढह गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और निरीक्षण एजेंसियों की कार्यप्रणाली की जांच करने के निर्देश दिए। साथ ही, लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही।

खतरनाक इमारतों के पुनर्विकास पर जोर

मंत्री ने शहर में जर्जर और खतरनाक इमारतों की समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत पर जोर दिया। इसके लिए मंत्रालय स्तर पर विशेष बैठक आयोजित करने और मिनी क्लस्टर योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में कदम उठाने की बात कही।

देवकी अपार्टमेंट की घटना ने पुराने भवनों की सुरक्षा, समय पर स्ट्रक्चरल ऑडिट और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास जैसे मुद्दों को फिर से चर्चा में ला दिया है। अब प्रशासन की ओर से राहत व्यवस्था, जांच और पुनर्विकास से जुड़े अगले कदम महत्वपूर्ण होंगे।

रिपोर्ट: नटवर झा
स्थान: भायंदर
तृप्ति प्रमाण न्यूज़ पोर्टल

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