पालघर जिले में बंधुआ मजदूरी से मुक्त किए गए श्रमिकों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने की दिशा में एक सहयोगात्मक कदम उठाया गया है। 2 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ की उपस्थिति में पालघर जिला प्रशासन तथा इंटरनेशनल जस्टिस मिशन (IJM) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर संपन्न हुए।
इस सहमति के तहत दोनों संस्थाएं मिलकर मुक्त श्रमिकों के व्यावहारिक पुनर्वास की प्रक्रिया को मजबूत करेंगी। प्रमुख पहलों में रोजगार के स्थायी अवसर उपलब्ध कराना, सामाजिक सुरक्षा लाभों से जोड़ना, केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याण योजनाओं का लाभ पहुंचाना तथा जीवन यापन के सम्मानजनक साधन सुनिश्चित करना शामिल है।
समझौते के अंतर्गत जिला एवं तहसील स्तर के अधिकारियों को बंधुआ मजदूरी (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 तथा संबंधित विधिक प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन हेतु प्रशिक्षण एवं संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे मजदूरों की पहचान, मुक्तिकरण, पुनर्वास और न्यायिक प्रक्रिया को गति तथा संवेदनशीलता प्राप्त होगी।
अतिरिक्त पहल के रूप में जिले के उन क्षेत्रों का विश्लेषण किया जाएगा जहां बंधुआ श्रम का खतरा अधिक है। सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के आधार पर असुरक्षा मानचित्रण (Vulnerability Mapping) के माध्यम से पूर्व रोकथाम हेतु लक्षित हस्तक्षेप संभव होंगे।
यह पहल पालघर जिले में मानवाधिकार संरक्षण एवं सामाजिक न्याय की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है, जो शोषण मुक्त समाज निर्माण में योगदान देगी।