पालघर, 5 फरवरी 2026: पालघर जिले की स्थानीय अपराध शाखा और वाडा पुलिस स्टेशन की संयुक्त कार्रवाई से एक गंभीर लूट के प्रयास के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो बार-बार के अपराधियों को गिरफ्तार कर अपराध में प्रयुक्त वाहन तथा हथियार भी बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार, 24 दिसंबर 2025 की दोपहर से 25 दिसंबर की सुबह के बीच तालुका वाडा के शिंदेवाड़ी फार्म हाउस स्थित प्लॉट संख्या 205 में यह घटना घटी थी। शिकायतकर्ता सेंधिलकुमार वेलमू रुगन (31 वर्ष) अपने कमरे में सो रहे थे कि कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने कमरे में घुसने का प्रयास किया। जागने पर उन्हें चाकू दिखाकर धमकाया गया, कपड़ों से हाथ-पैर बांधकर कोने में बैठा दिया गया और धनराशि देने के लिए बाध्य किया गया।
घटनास्थल पर कुल सात से आठ व्यक्ति पहुंचे और कमरे की तलाशी लेने के बाद जब कोई कीमती सामान नहीं मिला तो शिकायतकर्ता को बंधक बनाकर वहां से जाने की धमकी दी गई। इस घटना की शिकायत पर वाडा पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता अधिनियम, 2023 की धारा 312, 127(2) एवं 351(3) के तहत 24 दिसंबर 2025 को प्रकरण दर्ज किया गया था।
पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर पता लगाया कि अपराधियों ने घटना के दौरान एक ईको कार (क्रमांक MH-15/GF-4457) का उपयोग किया था। इस सुराग के आधार पर 29 जनवरी 2026 को अमरावती जिले के सद्गुरुनगर क्षेत्र से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया:
- बादशाहसिंह अजबसिंह टाक (42 वर्ष)
- राजेंद्रसिंह महिपालसिंह बावरी (32 वर्ष)
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, बादशाहसिंह टाक के विरुद्ध नवी मुंबई, अमरावती, हिंगोली और वर्धा जिलों में पहले से 16 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं राजेंद्रसिंह बावरी के खिलाफ अमरावती, परभणी, हिंगोली और नागपुर क्षेत्र में 5 मामले पंजीकृत हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर 3 फरवरी 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है।
जांच में यह भी पता चला कि बरामद ईको कार मूल रूप से जलगांव जिले के भुसावल निवासी डेनिस जोसेफ रोड्रिक्स की थी, जो 23 दिसंबर 2025 को चोरी हो गई थी। इस संबंध में भुसावल मार्केट पुलिस स्टेशन में धारा 303(2) के तहत प्रकरण दर्ज है।
वर्तमान में इस प्रकरण से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जांच कार्य वाडा पुलिस स्टेशन के सहायक निरीक्षक भगवंत चौधरी की देखरेख में संपन्न हो रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीएनएस प्रणाली और तकनीकी सहायता के प्रभावी उपयोग से इस जटिल मामले में सफलता मिली है।