जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मड़ियाहूँ क्षेत्र से आत्मनिर्भरता और सरकारी सिस्टम की नाकामी को बयां करने वाली एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। क्षेत्र में नदी पार करने की विकट समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के आगे थक-हारकर एक मिसाल पेश की है। नेताओं के झूठे आश्वासनों से तंग आकर ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से करीब 7.80 लाख रुपये का चंदा जुटाया और खुद ही एक लोहे का पुल बनाना शुरू कर दिया है।
जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनी गुहार, तो जनता ने संभाली कमान
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, वे लंबे समय से नदी के उस पार आने-जाने में होने वाली दिक्कतों को लेकर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों से पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। लेकिन बार-बार की गुहार के बाद भी जब शासन और प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंगी, तो ग्रामीणों ने आत्मसम्मान और सुविधा के लिए खुद ही ‘प्राइवेट पुल’ की व्यवस्था करने का फैसला किया। ग्रामीण अब मजदूरों की मदद से करीब 32 फीट लंबा मजबूत लोहे का पुल तैयार कर रहे हैं, जिसका निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है।
“पुल नहीं तो वोट नहीं” – ग्रामीणों ने अभी से किया 2027 चुनाव का बहिष्कार
इस सराहनीय कदम के साथ ही ग्रामीणों में प्रशासन और नेताओं के खिलाफ भारी आक्रोश है। पुल निर्माण का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। गुस्से से भरे ग्रामीणों ने साफ शब्दों में ऐलान कर दिया है कि उन्होंने अभी से आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव का पूरी तरह से बहिष्कार कर दिया है। एक तरफ जहां सरकारें विकास के बड़े-बड़े दावे करती हैं, वहीं जौनपुर की इस तस्वीर ने जमीनी हकीकत की पोल खोल कर रख दी है।