मुंबई (तृप्ति प्रमाण ब्यूरो): महाराष्ट्र को देश का सबसे बड़ा तकनीकी और आधुनिक विनिर्माण (Advanced Manufacturing) केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अपने कदम तेजी से बढ़ा दिए हैं। मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में ‘महाराष्ट्र एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग एंड फ्रंटियर टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट’ (FTI) की एक उच्च स्तरीय और समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के भीतर नेक्स्ट-जेन टेक्नोलॉजी, नवाचार (Innovation) और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए व्यापक कार्ययोजना पर मुहर लगाई गई।
अग्रणी विशेषज्ञों की मौजूदगी में तैयार हुई भविष्य की रणनीति
इस महत्वपूर्ण बैठक में FTI के मुख्य संयोजक (Convener) दीपक करंजीकर सहित तकनीकी जगत के कई वरिष्ठ नीति निर्माता और विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक के दौरान इस बात पर गहन मंथन हुआ कि वैश्विक स्तर पर आ रहे तकनीकी बदलावों के बीच महाराष्ट्र कैसे खुद को सबसे आगे रख सकता है। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स, 3D प्रिंटिंग और फ्रंटियर टेक्नोलॉजी जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई।
उद्योग, नवाचार और कौशल विकास का त्रिवेणी संगम
राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य महाराष्ट्र को सिर्फ एक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना नहीं, बल्कि तकनीक और युवाओं के हुनर को आपस में जोड़ना है। मुख्यमंत्री ने बैठक में निर्देश दिए कि राज्य की औद्योगिक नीतियों को इस तरह ढाला जाए जिससे वैश्विक कंपनियों को महाराष्ट्र में काम करने के अनुकूल माहौल मिले। साथ ही, युवाओं को इन आधुनिक तकनीकों के लिए प्रशिक्षित करने हेतु कौशल विकास के नए पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी जोर दिया गया।
FTI के माध्यम से योजनाओं को मिलेगी रफ्तार
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, FTI राज्य में एक सेतु का काम करेगा जो सीधे उद्योगों और शैक्षणिक संस्थानों को आपस में जोड़ेगा। बैठक में तय किया गया कि भविष्य की योजनाओं और पायलट प्रोजेक्ट्स को बिना किसी देरी के धरातल पर उतारा जाएगा, जिससे महाराष्ट्र न केवल भारत में बल्कि पूरी दुनिया में अत्याधुनिक विनिर्माण का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।