पालघर (रिपोर्टर पराग यादव): महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने राज्य में आपदा राहत और बचाव कार्यों को पूरी तरह हाई-टेक और सुरक्षित बनाने के लिए कदम बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में बुधवार को पालघर जिले में अत्याधुनिक रिमोट-ऑपरेटेड रोबोटिक वॉटर क्राफ्ट (Remote-Operated Robotic Water Craft) का सफल मॉकड्रिल और प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस आधुनिक तकनीक से अब डूबते हुए लोगों को बचाने और बाढ़ जैसी विभीषिका में रेस्क्यू करने में अभूतपूर्व मदद मिलेगी।
सूर्या नदी और गणेश कुंड में हुआ सफल प्रदर्शन
उपकरण का पहला परीक्षण सुबह 11 बजे सूर्या नदी के मासवण पुल के पास तेज बहाव के बीच किया गया। इस अवसर पर आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारी नितिन मसाले, पालघर जिला आपदा प्रबंधन टीम, एनडीआरएफ (NDRF), फायर ब्रिगेड और 108 एम्बुलेंस सेवा के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बहती नदी में रोबोटिक क्राफ्ट की स्पीड, रिमोट कंट्रोल रेंज और कार्यक्षमता को परखा गया। इसके बाद शाम 4 बजे पालघर स्थित गणेश कुंड में इसका दूसरा सफल डेमो आयोजित हुआ।
रिमोट से चलेगा रोबोट, बचावकर्मियों की जान का जोखिम होगा शून्य
बैटरी से संचालित यह रोबोटिक वॉटर क्राफ्ट बिना किसी इंसान के जोखिम उठाए दूर से ही रिमोट के जरिए नियंत्रित किया जा सकता है। तेज बहाव, उफनती नदियों और गहरे जलाशयों में जहाँ इंसान का उतरना खतरनाक होता है, वहाँ यह रोबोट पानी में फँसे लोगों तक पलक झपकते पहुँच जाएगा। इससे एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और दमकलकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और राहत कार्य बेहद तेज़ी से हो सकेगा।
पालघर जिले को मिलेगी रेस्क्यू में प्राथमिकता
जिले की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए हर साल मानसून में भारी बारिश, उफनती नदियों और समुद्री खाड़ियों के कारण बाढ़ के हालात बन जाते हैं। जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ ने कहा कि इस तरह के रोबोटिक क्राफ्ट मिलने से पालघर का आपदा प्रबंधन तंत्र काफी मजबूत और हाई-टेक हो जाएगा। सफल ट्रॉयल के बाद अब पालघर जिले को यह उपकरण सबसे पहले मिलने की संभावना जताई जा रही है।