पालघर (रिपोर्टर पराग यादव): राष्ट्रीय कला मंच तथा उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र (प्रयागराज) के संयुक्त तत्वावधान में बलिया के गंगा बहुउद्देशीय सभागार में एक गरिमामयी साहित्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस भव्य कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने युवा लेखक पंकज गुप्ता द्वारा लिखित ऐतिहासिक एवं राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत पुस्तक ‘भारत के महान क्रांतिकारी संघर्ष एवं बलिदान (भाग-1)’ का विधिवत लोकार्पण किया। समारोह में साहित्य, संस्कृति, शिक्षा एवं समाज सेवा से जुड़ी कई गणमान्य हस्तियां मौजूद रहीं।
कम उम्र में ऐसा शोधपरक लेखन अत्यंत प्रेरणादायी: दयाशंकर सिंह
पुस्तक का विमोचन करते हुए परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने युवा लेखक पंकज गुप्ता के शोध और लेखन कौशल की दिल खोलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि “इतनी अल्प आयु में भारत के अमर शहीदों और क्रांतिकारियों के जीवन पर गहरा अध्ययन कर ऐसी प्रामाणिक पुस्तक लिखना अत्यंत सराहनीय और अनुकरणीय कार्य है।” मंत्री जी ने कहा कि लेखक ने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों के त्याग और वीरता को बेहद सरल और प्रभावशाली भाषा में पिरोया है।
युवाओं को इतिहास से जुड़ना बेहद ज़रूरी
दयाशंकर सिंह ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपने गौरवशाली अतीत, देश की आजादी के संघर्ष और राष्ट्रनायकों के बलिदान को गहराई से समझना होगा। जब हमारी युवा पीढ़ी अपने इतिहास और महान विभूतियों के आदर्शों को जानेगी, तभी उनमें देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र निर्माण की भावना प्रबल होगी। उन्होंने पंकज गुप्ता को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए निरंतर राष्ट्रहित में लिखने का आह्वान किया।
इतिहास के अनछुए पहलुओं को उजागर करना ही मुख्य उद्देश्य: पंकज गुप्ता
समारोह के दौरान लेखक पंकज गुप्ता ने अपनी पुस्तक के मुख्य उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस ग्रंथ में ऐतिहासिक तथ्यों और प्रामाणिक दस्तावेजों के आधार पर भारत के महान क्रांतिकारियों के जीवन, संघर्ष और बलिदान की अमर गाथाओं को संकलित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक का ध्येय युवाओं में राष्ट्रीय चेतना जगाना और उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान से परिचित कराना है।