संवाददाता: साहिल यादव
मुंबई:
भारतीय टेलीविजन जगत के जाने-माने अभिनेता अंगद हसीजा इन दिनों स्टूडियो एलएसडी के चर्चित धारावाहिक ‘तुम्म से तुम्म तक’ में यश वर्धन के मुख्य किरदार में दर्शकों का दिल जीत रहे हैं। हाल ही में एक खास बातचीत के दौरान अंगद ने अपने सह-कलाकारों, दिग्गज अभिनेता शरद केलकर और युवा अभिनेत्री निहारिका चौकसे के साथ काम करने के अपने शानदार अनुभवों को साझा किया। इसके साथ ही उन्होंने इंडस्ट्री की नई पीढ़ी की कार्यशैली और सोशल मीडिया के दौर पर खुलकर बात की।
शरद केलकर के साथ बरसों पुरानी दोस्ती, स्क्रीन पर पहली बार दिखेगी जुगलबंदी
अंगद हसीजा ने बताया कि शरद केलकर और वे असल जिंदगी में पिछले कई सालों से बहुत अच्छे दोस्त हैं। हालांकि, यह पहला मौका है जब दोनों को किसी प्रोजेक्ट में एक साथ ऑन-स्क्रीन अभिनय करने का अवसर मिला है। अंगद के अनुसार, वर्षों पुरानी इस दोस्ती का फायदा उन्हें सेट पर मिलता है। दोनों के बीच की केमिस्ट्री और आपसी तालमेल लाजवाब है, जिससे शूटिंग का माहौल हमेशा बेहद सकारात्मक, हल्का-फुल्का और खुशनुमा बना रहता है।
निहारिका चौकसे को देख याद आया ‘बिदाई’ का दौर
शो की मुख्य अभिनेत्री निहारिका चौकसे के बारे में बात करते हुए अंगद काफी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जब वे पहली बार निहारिका से मिले, तो उन्हें अपनी पुरानी और लोकप्रिय सह-कलाकार सारा खान की याद आ गई। अंगद ने बताया कि निहारिका की सादगी, उनका सहज स्वभाव और चेहरे की मासूमियत उन्हें सीधे उसी सुनहरे दौर में ले जाती है, जब वे मशहूर सीरियल ‘सपना बाबुल का…बिदाई’ में काम कर रहे थे।
कम उम्र की अभिनेत्रियों के साथ काम करने के अनुभव पर उन्होंने साफ कहा कि शुरुआत में उम्र के अंतर को लेकर थोड़ी झिझक जरूर होती है, लेकिन निहारिका जैसी विनम्र, सरल और ज़मीन से जुड़ी कलाकार इस दूरी को बेहद सहजता से पाट देती हैं। उनके साथ काम करना हमेशा बहुत ही आरामदायक रहा है।
नए निर्देशकों की ऊर्जा और सोशल मीडिया पर बेबाक राय
लगभग दो दशकों से टीवी इंडस्ट्री में सक्रिय अंगद ने युवा निर्देशकों की कार्यप्रणाली की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के नए जमाने के निर्देशक बेहद स्पष्ट सोच के साथ सेट पर आते हैं। वे पूरी तैयारी के साथ आते हैं और कम समय में बेहतरीन व प्रभावी शॉट लेने की कला में माहिर हैं।
ग्लैमर की दुनिया में ‘सोशल मीडिया फॉलोअर्स’ के आधार पर हो रहे कास्टिंग के ट्रेंड पर अंगद ने दोटूक राय रखी। उन्होंने कहा कि महज सोशल मीडिया के आंकड़ों से किसी भी कलाकार का भविष्य या उसकी अभिनय क्षमता तय नहीं की जा सकती। निर्माता और निर्देशक आखिरकार उसी कलाकार पर दांव लगाते हैं, जो अपने जीवंत अभिनय से दर्शकों के दिलों को छू सके। सोशल मीडिया का यह दौर हमेशा के लिए नहीं रहने वाला, लेकिन एक प्रतिभाशाली और मेहनती कलाकार अपनी कला के दम पर इंडस्ट्री में हमेशा टिका रहेगा।