पालघर, 9 अप्रैल: डहाणू प्रोजेक्ट ऑफिसर एवं सहायक जिलाधिकारी विशाल खत्री की नवाचारी अवधारणा के तहत डहाणू एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना के अंतर्गत सरकारी आश्रमशाला के छात्रों ने मुंबई सर्फ क्लब स्कूल के पहल पर वसई समुद्र तट पर वॉटर सर्फिंग का रोमांचक अनुभव लिया। छात्रों के लिए आज का दिन विशेष और अविस्मरणीय रहा। छात्रों ने पहली बार वॉटर सर्फिंग इस जल खेल का रोमांचक अनुभव लिया। इस नवाचारी पहल का आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से किया गया, ताकि वे राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग ले सकें और अपने खेल का बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें।
इस कार्यक्रम में छात्रों को प्रशिक्षित मार्गदर्शकों की निगरानी में वॉटर सर्फिंग का प्रदर्शन दिखाया गया तथा सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करते हुए छात्रों को प्रत्यक्ष भाग लेने का अवसर प्रदान किया गया। शुरुआत में कुछ छात्रों को भय महसूस हो रहा था, लेकिन विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से उन्होंने आत्मविश्वास के साथ इस अनुभव को साझा किया। छात्रों ने अगले महीने होने वाली प्रतियोगिता में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की। आश्रमशाला के छात्रों के लिए यह आनंद का पर्व बन गया।
छात्रों के चेहरों पर खुशी, उत्साह और संतोष देखने लायक था। इस पहल से छात्रों में साहस की भावना, आत्मविश्वास और नई चीजें सीखने की प्रेरणा जागृत हुई है।
आश्रमशाला के कई बच्चे अत्यंत प्रतिकूल परिस्थितियों से आए हैं। उनके जीवन में ऐसी अवसर बहुत सीमित होते हैं। आज जब उन्होंने पहली बार पानी पर खड़े होकर वॉटर सर्फिंग किया, तो उनके चेहरों पर उभरी खुशी, आश्चर्य और आत्मविश्वास देखकर हृदय प्रफुल्लित हो उठा। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उनके सपनों को पंख देने वाली एक छोटी शुरुआत थी, इस विश्वास को प्रोजेक्ट ऑफिसर एवं सहायक जिलाधिकारी विशाल खत्री ने व्यक्त किया।
“वॉटर सर्फिंग मेरे लिए पूर्णतः नया अनुभव था। शुरुआत में थोड़ा भय लगा, लेकिन एक बार सर्फिंग शुरू करने के बाद बहुत मजा आया। इस पहल से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा।” – रोशन हरपाले, छात्र
“वॉटर सर्फिंग का अनुभव मेरे लिए बहुत नया और रोमांचक था। शुरुआत में मुझे थोड़ा भय लग रहा था, लेकिन प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से मेरा आत्मविश्वास बढ़ा। पानी पर सर्फिंग करते समय बहुत आनंद आया। ऐसी पहलों से हमें नई चीजें सीखने को मिलती हैं और साहस करने की प्रेरणा मिलती है। भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम होते रहें, ऐसी मेरी इच्छा है।” – नंदिनी चौहान, छात्रा
“शुरुआत में कुछ बच्चे भय से पीछे हट रहे थे, लेकिन थोड़ी ही देर में वही बच्चे साहस के साथ आगे बढ़कर पानी पर सर्फिंग करते हुए दिखाई दिए, यह देखकर मन भावुक हो उठा। उनके चेहरों पर वह खुशी, ‘हम भी कर सकते हैं’ यह भावना देखना हमारे लिए अविस्मरणीय रहा। उस क्षण महसूस हुआ कि ऐसी छोटी अवसरें ही उनके जीवन में बहुत बड़ा परिवर्तन ला सकती हैं। प्रशिक्षक के रूप में वह क्षण हमारे लिए बहुत विशेष और भावनात्मक था।” – प्रीति रावत, निदेशक, मुंबई सर्फ क्लब एंड स्कूल, विरार