📍 नई दिल्ली, 30 जुलाई 2025
लोकसभा में पालघर सांसद डॉ. हेमंत विष्णु सवरा का जोरदार हस्तक्षेप
लोकसभा में आज पालघर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. हेमंत विष्णु सवरा ने विरार–डहाणू उपनगरीय रेल मार्ग पर यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों की दिनचर्या से जुड़ी चुनौतियों को संसद के मंच से उठाया। उन्होंने लोकल ट्रेन सेवाओं में तत्काल सुधार की मांग करते हुए रेलवे मंत्रालय को कई ठोस सुझाव दिए।
इस मार्ग पर प्रतिदिन सुबह और शाम के व्यस्त समय में भारी भीड़ के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को भीड़भाड़, अपर्याप्त सुविधाओं और सीमित ट्रेन संख्या के कारण लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस पृष्ठभूमि में डॉ. सवरा ने लोकल ट्रेन सेवाओं को अधिक दक्ष, सुविधाजनक और यात्री-अनुकूल बनाने के लिए विस्तृत मांगें रखीं।
🔹 मुख्य मांगें:
ट्रेन आवृत्ति में वृद्धि:
सुबह 6 बजे से पहले और शाम के पीक घंटों में अतिरिक्त लोकल ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, यात्री आवश्यकताओं के अनुसार एक वैज्ञानिक टाइमटेबल तैयार किया जाए।
कोचों की संख्या बढ़ाई जाए:
वर्तमान में चल रही 12-कोच वाली लोकल ट्रेनों को 15 कोच तक बढ़ाया जाए ताकि भीड़ कम की जा सके।
एसी और नॉन-एसी लोकल ट्रेनों में विस्तार:
विरार–डहाणू मार्ग पर एसी लोकल ट्रेनों की शुरुआत की जाए, साथ ही आम जनता के लिए सस्ती नॉन-एसी लोकल सेवाओं की संख्या बढ़ाई जाए।
स्टेशन सुविधाओं में सुधार:
डहाणू, विरार और अन्य स्टेशनों पर स्वच्छ शौचालय, डिजिटल ट्रेन जानकारी बोर्ड और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
नई लोकल सेवाएं शुरू की जाएं:
सुबह 4 बजे डहाणू से चर्चगेट के लिए एक अतिरिक्त लोकल ट्रेन शुरू की जाए।
शाम 6 बजे विरार से डहाणू की ओर एक अतिरिक्त सेवा शुरू की जाए।
डहाणू तक चलने वाली लोकल ट्रेनों को उमरगांव तक बढ़ाया जाए ताकि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को भी सुविधा मिल सके।
📢 सांसद का संदेश:
डॉ. सवरा ने कहा, “यह मार्ग हजारों आम नागरिकों के लिए रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा है। रेलवे को इन यात्रियों की आवाज सुननी चाहिए और उनकी सुविधा के लिए त्वरित कदम उठाने चाहिए। सुधार से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि पालघर जैसे उपनगरीय क्षेत्रों के समग्र विकास में भी तेजी आएगी।”
✅ आशा की किरण:
इन सुझावों के लागू होने से न केवल यात्रियों की दिनचर्या में सुधार होगा, बल्कि उपनगरीय रेल परिवहन की दक्षता और विश्वसनीयता में भी वृद्धि होगी। सांसद डॉ. हेमंत सवरा ने स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर लगातार निगरानी रखेंगे और रेलवे महानिदेशक व अन्य अधिकारियों से सीधे बातचीत कर इन मांगों को लागू कराने का प्रयास करेंगे।



