पालघर | तलासरी, संवाददाता
तलासरी तहसील के वरवाडा गांव में स्थित कन्या आश्रम शाला की छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है। शाला राष्ट्रीय राजमार्ग के पश्चिमी ओर स्थित है, जिसके कारण छात्राओं को प्रतिदिन अत्यधिक व्यस्त राजमार्ग पार करना पड़ता है। हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या स्थानीय प्रशासन से विचार-विमर्श किए पैदल पुल को हटा दिया गया, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
यह पुल न केवल आश्रम शाला की छात्राओं के लिए, बल्कि स्थानीय निवासियों के लिए भी सुरक्षित आवागमन का एकमात्र साधन था। स्थानीय स्रोतों के अनुसार, न तो शाला प्रशासन को और न ही ग्राम पंचायत के सरपंच को इस कार्रवाई के बारे में पहले से अवगत कराया गया। इस एकतरफा निर्णय के खिलाफ ग्रामीणों, अभिभावकों और शिक्षा अधिकारियों में तीव्र आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है।
अब छात्राओं को भारी वाहनों वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को सीधे पार करके विद्यालय जाना पड़ रहा है, जिससे उनकी जान को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। अभिभावकों के मन में निरंतर डर बना हुआ है कि किसी भी पल एक दुर्घटना घटित हो सकती है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए डहाणू विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री विनोद निकोले ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर सख्त आलोचना की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि छात्राओं की सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार्य नहीं है। विधायक ने तत्काल नए पैदल पुल के निर्माण की मांग की और चेतावनी दी कि यदि 19 तारीख तक इस ओर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आगामी कार्यक्रम या मोर्चे में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा तथा चारोटी से आगे मोर्चा नहीं बढ़ने दिया जाएगा।
स्थानीय निवासी, अभिभावक और शाला प्रशासन ने संयुक्त रूप से राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के इस कदम की निंदा की है। उन्होंने एक स्वर में मांग की है कि छात्राओं एवं आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत एक नया पैदल पुल निर्मित किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि भविष्य में कोई दुर्घटना घटित होती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्राधिकरण एवं विभागों की होगी।
तृप्ति प्रमाण – राष्ट्रीय हिंदी साप्ताहिक