जौनपुर। जौनपुर की एक अदालत ने करीब 18 साल पुराने चर्चित हत्याकांड के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश (षष्ठम) जौनपुर की अदालत ने थाना नेवढ़िया से जुड़े वर्ष 2008 के इस मामले में सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त को हत्या का दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास तथा 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
धारा 302 के तहत प्रेमचंद्र उर्फ पप्पू सरोज ठहराया गया दोषी
न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और दलीलों के आधार पर अभियुक्त प्रेमचंद्र उर्फ पप्पू सरोज को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या) के तहत दोषी करार दिया। अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि यदि दोषी तय समय सीमा के भीतर 20 हजार रुपये का जुर्माना जमा नहीं करता है, तो उसे 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
2008 से लंबित था मामला
यह सनसनीखेज मामला थाना नेवढ़िया में वर्ष 2008 में दर्ज किया गया था। पिछले 18 वर्षों से इस मामले में अदालती कार्रवाई चल रही थी। आखिरकार लंबे इंतजार के बाद पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है। कोर्ट के इस सख्त फैसले से अपराधियों में कानून का खौफ साफ तौर पर देखा जा रहा है।
(ब्यूरो चीफ: दिलीप कुमार, तृप्ति प्रमाण, जौनपुर)