पालघर जिले ने आदिवासी विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रधानमंत्री जनजातीय गौरव योजना (पीएम जनमन योजना) के तहत खोच (पिंपळपाडा–शिरसोलीचा पाढ़ा) में स्थापित कातकरी बहुउद्देशीय केंद्र अब केवल एक सुविधा केंद्र नहीं, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन का एक सशक्त माध्यम बनता जा रहा है।
इस प्रगति को देखने के लिए जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने हाल ही में इस केंद्र का दौरा किया। उनका यह दौरा प्रशासनिक पारदर्शिता और जनता से सीधे जुड़ाव का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। दौरे के दौरान डॉ. जाखड ने स्थानीय कातकरी समुदाय की महिलाओं एवं ग्रामवासियों से सीधे संवाद किया और उनकी वास्तविक आवश्यकताओं, सामने आने वाली चुनौतियों तथा भविष्य की संभावनाओं का आकलन किया। यह संवाद केवल औपचारिक नहीं, बल्कि योजनाओं के भूमि-स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने की एक सोची-समझी पहल थी।
बहुउद्देशीय केंद्र के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार, स्वरोजगार, कौशल विकास तथा सामुदायिक गतिविधियों के अवसर पैदा होने की संभावना स्पष्ट रूप से उभर कर सामने आई। विशेष रूप से महिलाओं को केंद्र में शामिल करने की यह रणनीति, समुदाय के सशक्तिकरण को नई दिशा दे रही है। डॉ. जाखड ने स्पष्ट किया कि “ऐसे केंद्रों की शृंखला आदिवासी समाज की आर्थिक रीढ़ को मजबूत करेगी।”
प्रशासन ने केंद्र के गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर संतोष व्यक्त किया, जो यह संकेत देता है कि योजनाएँ अब केवल कागज़ों तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि स्थायी विकास की दिशा में अग्रसर हैं। स्थानीय महिलाओं द्वारा व्यक्त किया गया आत्मविश्वास और नई आशाएँ इस परियोजना की सामाजिक स्वीकार्यता एवं प्रभावशीलता का सबूत हैं।
नव वर्ष के अवसर पर जिलाधिकारी द्वारा दी गई शुभकामनाओं के साथ यह विश्वास भी व्यक्त किया गया कि यह केंद्र समुदाय के सर्वांगीण विकास का एक प्रभावी माध्यम साबित होगा। समग्र रूप से, खोच का यह बहुउद्देशीय केंद्र पीएम जनमन योजना के उद्देश्यों को व्यावहारिक रूप देते हुए आदिवासी विकास के लिए एक अनुकरणीय मॉडल साबित हो रहा है, जिसे अन्य आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकता है।