उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री सहित मंत्रिमंडल की रही उपस्थिति
मुंबई, दिनांक 7: विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर महाराष्ट्र के ग्रामीण क्षेत्रों की कायाकल्प करने और ग्रामीण जनता को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उनकी देहली पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान ‘मेरा गाँव, स्वास्थ्यसंपन्न गाँव’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के करकमलों से आज संपन्न हुआ।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रकाश आबिटकर ने अभियान के संबंध में मंत्रिमंडल को विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस दौरान अभियान से जुड़ी जानकारी देने वाले वीडियो और पुस्तिका का भी मान्यवरों के द्वारा विमोचन किया गया।
राज्य सरकार ने ‘मेरा गाँव, स्वास्थ्यसंपन्न गाँव’ अभियान के माध्यम से ग्रामीण महाराष्ट्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक सक्षम, रोगमुक्त और आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है। सरकार का उद्देश्य है कि जनभागीदारी के माध्यम से यह अभियान एक व्यापक स्वास्थ्य आंदोलन का रूप ले ले। गाँव स्तर से लेकर राज्य स्तर तक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इस अभियान की मुख्य विशेषता उपचार की तुलना में रोकथाम के उपायों पर अधिक ध्यान केंद्रित करना है। स्वच्छता, शुद्ध पेयजल आपूर्ति, मल-जल प्रबंधन, पोषण, साथ ही संक्रामक और गैर-संक्रामक रोगों पर नियंत्रण जैसे मूलभूत पहलुओं पर ध्यान देकर ग्रामीण नागरिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य और बदलती जीवनशैली से जुड़े रोगों को भी इस अभियान में विशेष प्राथमिकता दी गई है।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य, संभाग, जिला और ग्राम पंचायत स्तर पर समितियों का गठन किया गया है। निर्धारित मानदंडों के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गाँवों को ‘स्वास्थ्यसंपन्न गाँव’ के रूप में सम्मानित किया जाएगा। इस हेतु राज्य सरकार ने पर्याप्त निधि की व्यवस्था की है तथा ग्राम पंचायत, जिला परिषद, पंचायत समिति और स्वास्थ्य संस्थानों को कुल 65.25 करोड़ रुपये के पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर और स्वास्थ्य राज्यमंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर ने इस अवसर पर कहा कि ‘मेरा गाँव, स्वास्थ्यसंपन्न गाँव’ केवल एक योजना नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन है। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण महाराष्ट्र में स्वास्थ्य स्तर को ऊँचा उठाकर एक स्वस्थ, सशक्त और समृद्ध समाज के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।