नालासोपारा आरिफ शेख मामले में पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक सख्त, डीसीपी रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित |

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आरोपी के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज; कथित यौन शोषण, अश्लील वीडियो और संभावित नेटवर्क की जांच तेज, डिजिटल साक्ष्यों की भी होगी पड़ताल

नालासोपारा। नालासोपारा के कथित यौन शोषण मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। आरोपी आरिफ अय्यूब शेख (22) के खिलाफ अब तक चार प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक नालासोपारा पुलिस स्टेशन पहुंचे और जांच की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामले की गंभीरता से और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच करने के निर्देश दिए।

इस दौरान डीसीपी शशिकांत बारोटे, एसीपी सुनील जायभाये और वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक विशाल वलवी मौजूद रहे।

डीसीपी रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में एसआईटी गठित

मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के लिए डीसीपी रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपी के खिलाफ दर्ज चार मामलों में तीन यौन उत्पीड़न से संबंधित हैं, जबकि एक मामला धार्मिक भावनाएं आहत करने से जुड़ा बताया जा रहा है।

पुलिस सभी मामलों के तथ्यों, शिकायतों और उनके बीच संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है।

डेटिंग ऐप के जरिए संपर्क करने के आरोप

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी पर डेटिंग ऐप के जरिए युवतियों से संपर्क करने, शादी का झांसा देने और कथित तौर पर यौन शोषण करने के आरोप हैं। 23 वर्षीय युवती की शिकायत के आधार पर भी मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अन्य संभावित पीड़िताओं की शिकायतों और सामने आए आरोपों की भी जांच कर रही है। हालांकि, इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

100 से अधिक अश्लील वीडियो मिलने के दावे की भी पड़ताल

भाजपा नेता किरीट सोमैया ने दावा किया है कि आरोपी के मोबाइल फोन में 100 से अधिक अश्लील वीडियो मिले हैं। उन्होंने संभावित बड़े नेटवर्क की आशंका भी जताई है।

इसके अलावा, वीडियो विदेश भेजकर पैसे कमाने और कथित तौर पर पीड़िताओं पर दबाव बनाने जैसे आरोप भी सामने आए हैं। हालांकि, वीडियो की वास्तविक संख्या, उनकी सामग्री, कथित प्रसार और किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।

इन दावों की सत्यता और संभावित आपराधिक गतिविधियों की जांच में डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की मांग

विश्व हिंदू महासंघ, मुंबई के प्रभारी प्रदीप मिश्रा ने भी मामले की एसआईटी जांच कराने तथा मोबाइल फोन सहित अन्य डिजिटल उपकरणों की फॉरेंसिक जांच करने की मांग की थी।

फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, कथित वीडियो के प्रसार और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। जांच के निष्कर्ष और फॉरेंसिक रिपोर्ट से मामले के विभिन्न पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संभावित पीड़िताओं से सामने आने की अपील

पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई पीड़िता या संबंधित व्यक्ति इस मामले से जुड़ी जानकारी रखता है, तो वह बिना किसी डर या दबाव के सामने आकर शिकायत दर्ज कराए।

मामले से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर ही हो सकेगी। फिलहाल एसआईटी की जांच और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल इस मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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