---Advertisement---

नालासोपारा में खौफनाक मर्डर का खुलासा: कारोबारी विवाद में दोस्त ने ही उतारा मौत के घाट, 12 घंटे में पुलिस ने सुलझाई गुत्थी |

---Advertisement---

पालघर/नालासोपारा: नालासोपारा पूर्व क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली हत्या का मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। 30 मार्च 2026 को नालासोपारा फाटा के पास जाबरपाड़ा जाने वाले कच्चे रास्ते पर स्थित आम के बगीचे में एक सिर कटी लाश मिलने से हड़कंप मच गया।

सुबह करीब 9:30 बजे डायल 112 के जरिए पेल्हार पुलिस को इस घटना की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची, जहां एक बोरे में बंद एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ, लेकिन उसका सिर गायब था। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी सन्न रह गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों को तुरंत अवगत कराया गया, जिसके बाद मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की पूरी टीम सक्रिय हो गई। आरोपी द्वारा शव की पहचान छिपाने के उद्देश्य से सिर अलग कर देना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया था।

इसी बीच घटना से जुड़े वीडियो और खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई, जो जांच में एक अहम कड़ी साबित हुई। वायरल जानकारी के आधार पर मृतक के भाई ने पुलिस से संपर्क किया, जिससे मामले की दिशा स्पष्ट होने लगी।

पुलिस ने डॉग स्क्वॉड और सीसीटीवी फुटेज की मदद से तेजी से जांच शुरू की और महज 12 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया। पूछताछ में सामने आया कि मृतक और आरोपी आपस में बिजनेस पार्टनर थे और लेन-देन को लेकर उनके बीच विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते मुख्य आरोपी दिनेश कानाराम प्रजापति ने अपने साथी संदीप ब्रह्मदेव तिवारी के साथ मिलकर 29 मार्च को जाबरपाड़ा स्थित गोदाम में अशोक सिंह राजपूत की बेरहमी से हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपियों ने शव का सिर धड़ से अलग कर दिया और धड़ को बोरे में भरकर पास के आम के बगीचे में फेंक दिया, जबकि सिर को करीब 5 किलोमीटर दूर खानिवड़े की खाड़ी में ठिकाने लगा दिया, ताकि पहचान न हो सके। हालांकि, पुलिस की मुस्तैदी और सटीक जांच के चलते आरोपियों की यह साजिश ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया। इस पूरे मामले में पुलिस उप आयुक्त (परिमंडल-3) सुहास बावचे ने भी जानकारी साझा करते हुए टीम की तत्परता और कुशल जांच की सराहना की। 👉 यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी से सबूत मिटाने की कोशिश करें, कानून के हाथों से बच पाना आसान नहीं है।

संवाददाता: साहिल यादव

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---
Rajesh