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पालघर में खतरनाक रासायनिक कारखानों की सुरक्षा एवं प्रदूषण नियंत्रण को लेकर विशेष बैठक आयोजित |

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पालघर, 5 सितंबर
पालघर जिल्ले में स्थित खतरनाक और अत्यधिक खतरनाक रासायनिक कारखानों में प्रदूषण नियंत्रण, श्रमिक सुरक्षा तथा आपातकालीन प्रबंधन को लेकर जिल्हाधिकारी कार्यालय में आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिल्हाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने की।

इस बैठक में विशेष रूप से उपस्थित रहे पालघर विधानसभा क्षेत्र के आमदार राजेंद्र गावित, निवासी उपजिल्हाधिकारी सुभाष भागडे, जिल्ले के उद्योगपति, तहसीलदार (दूरसंचार प्रणाली के माध्यम से), रासायनिक कारखानों के मालिक, प्रबंधक और प्रतिनिधि शामिल हुए। इसके साथ ही औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के सह संचालक, उप संचालक, सहायक संचालक, श्रम उप-आयुक्त तथा संलग्न प्रशासनिक अधिकारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया।

मुख्य निर्देश: कर्मचारियों को आपातकालीन प्रतिक्रिया के लिए तैयार रखें
बैठक के दौरान जिल्हाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने सभी रासायनिक कारखानों को निर्देश दिए कि वे कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए नियमित प्रशिक्षण, कार्यशालाएं और रंगीन अभ्यास (मॉक ड्रिल) आयोजित करें। उन्होंने कहा कि हर कर्मचारी को आग, गैस रिसाव या विस्फोट जैसी स्थिति में स्वयं सुरक्षित रहने और दूसरों की मदद करने की क्षमता होनी चाहिए।

सुरक्षा उपायों पर जोर: नियमित लेखा परीक्षण अनिवार्य
औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने रासायनिक कारखानों में होने वाले गैस रिसाव, आग, विस्फोट और घातक दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक रोकथाम उपायों पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने बताया कि नियमित सुरक्षा लेखा परीक्षण (सेफ्टी ऑडिट), प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल अनिवार्य हैं।

कर्मचारी कौशल विकास पर जोर
पालघर के श्रम उप-आयुक्त ने कर्मचारियों के मूल कौशल विकास (कोर कॉम्पिटेंसी डेवलपमेंट) पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित और कुशल कर्मचारी दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मचारी सुरक्षित नहीं होंगे, उद्योग क्षेत्र भी सुरक्षित नहीं हो सकता।

जिल्हाधिकारी का आह्वान: सुरक्षा और जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता
जिल्हाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड ने सभी रासायनिक कारखानों को आह्वान किया कि वे प्रदूषण नियंत्रण, सुरक्षा उपाय, नियमित प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल पर अधिक ध्यान दें। उन्होंने कहा कि कारखाने केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि मानव जीवन की सुरक्षा के लिए भी जिम्मेदार हैं।

कारखाना प्रतिनिधियों ने जताई प्रतिबद्धता
बैठक में उपस्थित सभी कारखानों के प्रतिनिधियों ने सुरक्षा और प्रदूषण नियंत्रण उपायों की कड़ाई से अनुपालन करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वे जिल्हा प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करेंगे और कर्मचारियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे।

ताज़ा अपडेट:
इस बैठक के बाद जिला प्रशासन द्वारा एक निगरानी समिति गठित की जाएगी, जो नियमित रूप से कारखानों का निरीक्षण करेगी और सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन की समीक्षा करेगी।

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Rajesh