पालघर, 20 अगस्त: महाराष्ट्र के वनमंत्री एवं पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने बारिश से प्रभावित वाडा और जव्हार तालुकों का दौरा किया और वहां के हालातों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ग्रस्त इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया तथा प्रशासनिक अधिकारियों को आपदा प्रबंधन और जन सुविधाओं के संबंध में महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
इस अवसर पर जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़, जव्हार प्रकल्प अधिकारी अपूर्वा बासुर, पालकमंत्री के विशेष कार्यकारी अधिकारी भवानजी आगे पाटील, जिला नियोजन अधिकारी प्रशांत भामरे, जव्हार के गट विकास अधिकारी दत्तात्रेय चित्ते के साथ-साथ सार्वजनिक बांधकाम विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
चिंचघर गांव में बारिश के प्रभाव का आकलन
पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण वाडा तालुके के चिंचघर गांव और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव व सड़कों के कटने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसके मद्देनजर पालकमंत्री ने गांव का दौरा कर हालात का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, उनकी सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जाए।
गणेश नाईक ने कहा, “आपदा के समय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। आपात स्थिति में उचित आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएं, बिजली की निरंतर आपूर्ति और खाद्यान्न की त्वरित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।”
जव्हार में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच
पालकमंत्री ने जव्हार तालुके के पुराने जव्हार ग्रामपंचायत क्षेत्र में स्थित गुंडपाड़ा और ताडपाड़ा गांव में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता की विस्तृत जांच की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि “नागरिकों को समय पर और बेहतर गुणवत्ता वाली सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है। कार्यों में गुणवत्ता के साथ-साथ पारदर्शिता भी सुनिश्चित होनी चाहिए।”
मनरेगा के तहत चल रही सड़क परियोजना
यह सड़क परियोजना महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत स्वीकृत है और इसकी कुल लंबाई 600 मीटर है। वर्तमान में सड़क का मुरमीकरण का कार्य पूर्ण हो चुका है। सड़क को स्थायी रूप देने के लिए दो मोरियों का निर्माण आवश्यक है। इनमें से एक मोरी जिला नियोजन समिति द्वारा स्वीकृत होकर पहले ही बन चुकी है, जबकि दूसरी मोरी के लिए प्रस्ताव लंबित है।
पालकमंत्री ने स्पष्ट किया कि जैसे ही दूसरी मोरी को मंजूरी मिलेगी, खडीकरण का कार्य त्वरित गति से पूरा किया जाएगा। इससे कशिवली-गुंडपाड़ा मार्ग मुख्य सड़क से जुड़ जाएगा, जिससे स्थानीय निवासियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी और दळण-वळण की सुविधा में सुधार होगा।
गणेश नाईक ने विश्वास व्यक्त किया कि इस परियोजना के पूर्ण होने से न केवल यातायात व्यवस्था सुगम होगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।