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पालघर में नाबालिग आदिवासी बालिका के साथ अत्याचार: डॉ. नीलम गोऱ्हे ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात, न्याय का दिया वादा

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पालघर, दिनांक 6 मई 2026: पालघर जिले के कासा पुलिस थाना क्षेत्र में एक नाबालिग आदिवासी बालिका के साथ एक भोंदू बाबा द्वारा किए गए यौन उत्पीड़न की घटना का शिवसेना नेता एवं विधान परिषद उपसभापति डॉ. नीलम गोऱ्हे ने गंभीरता से संज्ञान लिया। उन्होंने पीड़िता बालिका एवं उसके परिवारजनों से मुलाकात कर उनकी मनःस्थिति समझी और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।

इस अवसर पर डॉ. गोऱ्हे ने कहा, “इस अत्यंत गरीब और कमजोर परिवार की केवल एक ही मांग है – न्याय। आरोपी को किसी भी स्थिति में जमानत नहीं मिलनी चाहिए। न्यायिक प्रक्रिया को शीघ्रता से पूर्ण कराने के लिए पुलिस के साथ समन्वय बनाते हुए हर कदम उठाया जाएगा।”

डॉ. गोऱ्हे ने पीड़िता बालिका के भविष्य के मुद्दे को विशेष महत्व दिया। “बालिका आगे पढ़ना चाहती है और उसने पुलिस अधिकारी बनने का सपना व्यक्त किया है। उसकी शिक्षा और करियर के लिए सरकार की सभी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा,” ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया।

इस मामले में किसी भी प्रकार के दबाव या राजनीतिक प्रभाव डालने वालों पर कठोर कारवाई का संकेत दिया गया। “आरोपी की सहायता करने वाले, गवाहों पर दबाव बनाने वाले या किसी भी प्रकार का अवरोध उत्पन्न करने वाले व्यक्ति हों, उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी,” ऐसा डॉ. गोऱ्हे ने चेतावनी दी।

डीएनए परीक्षण, मजबूत साक्ष्य और गवाह संरक्षण पर बल

डॉ. गोऱ्हे ने बताया कि डीएनए परीक्षण सहित सभी वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर मामले को मजबूत बनाया जाएगा। गवाह संरक्षण कानून के प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर उन्होंने जोर दिया। शिवसेना पदाधिकारी, महिला मोर्चा के कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामवासी निरंतर पीड़ित परिवार के साथ रहेंगे, ऐसा भी उन्होंने आश्वासन दिया।

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने दिया साहस

मुलाकात के दौरान डॉ. गोऱ्हे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से फोन पर संपर्क कर पूरी स्थिति की जानकारी दी। उस समय उपमुख्यमंत्री ने पीड़िता बालिका, माता और बहन से संवाद करते हुए उन्हें साहस दिया। “सरकार आपके साथ दृढ़ता से खड़ी है। आरोपी को कठोर सजा मिले, इसके लिए तत्काल निर्देश दिए गए हैं,” ऐसा विश्वास परिवारजनों को दिलाया। साथ ही, शिवसेना की ओर से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पीड़िता की संपूर्ण शिक्षा की जिम्मेदारी स्वीकार की है।

पीड़िता को व्यापक सहायता

प्रशासन को दिए गए निर्देशानुसार, पीड़िता बालिका को तत्काल ‘मनोधैर्य’ योजना के तहत आर्थिक सहायता, पुलिस सुरक्षा, चिकित्सीय उपचार और मानसिक परामर्श प्रदान किया जाएगा। बाल संरक्षण योजना, आदिवासी विकास विभाग की न्यूक्लियस योजना और एकल महिलाओं के लिए उपलब्ध योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।

अंधविश्वास के खिलाफ जनजागृति

डॉ. गोऱ्हे ने अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। “तंत्र-मंत्र के नाम पर ठगी करने वाली प्रवृत्तियों को रोकना आवश्यक है। महाराष्ट्र जादू-टोना निषेध कानून सहित पॉक्सो कानून के तहत कठोर धाराएं लगाई जानी चाहिए,” ऐसी मांग उन्होंने की।

राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्होंने फास्ट ट्रैक अदालतों की संख्या बढ़ाने की मांग की। अपेक्षित 138 में से केवल 40 अदालतें ही सक्रिय होने के कारण शेष को तत्काल शुरू करने के लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पास अनुसरण किया जाएगा, ऐसा उन्होंने बताया।

प्रशासनिक बैठक

इस अवसर पर अतिरिक्त जिलाधिकारी भाऊसाहेब फटांगरे, पुलिस उपाधीक्षक समीर महेर, पुलिस निरीक्षक अमर पाटील, उपविभागीय अधिकारी विशाल खत्री, जिला महिला अधिकारी आदि के साथ विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, उन्होंने पालघर के पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख से भी टेलीफोन पर विस्तृत चर्चा कर जांच की गति, साक्ष्य संकलन और सुरक्षा उपायों की समीक्षा की। आदिवासी क्षेत्र में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनजागृति शिविर और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर बल दिया गया।

इस अवसर पर शिवसेना पूर्व विधायक मनीषा निमकर, पालघर संपर्क प्रमुख पांडुरंग पाटील, जिला प्रमुख कुंदन संख्ये, एडवोकेट संगीता चौहान एवं महिला मोर्चा और कार्यकर्ता उपस्थित थे।

डॉ. गोऱ्हे ने, “पीड़िता को न्याय मिलने तक निरंतर अनुसरण किया जाएगा। किसी भी स्थिति में आरोपी नहीं बचेगा,” ऐसा दृढ़ आश्वासन इस अवसर पर दिया।

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Rajesh