पालघर, 7 अप्रैल: देश के इतिहास में पहली डिजिटल जनगणना मानी जाने वाली जनगणना 2027 की पृष्ठभूमि में पालघर जिला प्रशासन ने तैयारियों में तेजी ला दी है। जिलाधिकारी कार्यालय में 6 अप्रैल से 11 अप्रैल के दौरान आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्षेत्रीय प्रशिक्षकों को आधुनिक तकनीक की सहायता से जनगणना को प्रभावी ढंग से कैसे संपन्न किया जाए, इसका विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
इस प्रशिक्षण में डिजिटल डेटा एंट्री, मोबाइल ऐप के उपयोग, साथ ही CMMS पोर्टल पर कामकाज के संबंध में प्रत्यक्ष प्रदर्शन सहित जानकारी दी गई। जनगणना कार्यालय के मिलिंद पाटील, के. एम. भंडारी और संतोष वाघ ने प्रस्तुतिकरण के माध्यम से घरगणना एवं मकानगणना प्रक्रिया, साथ ही गणनाकर्ता एवं पर्यवेक्षक नियुक्ति के संबंध में मार्गदर्शन किया।
इस वर्ष जनगणना पूर्णतः डिजिटल पद्धति से संपन्न होने वाली है, इसलिए मोबाइल ऐप के माध्यम से सूचना संकलन, डेटा की सटीकता और नागरिकों के साथ संवाद स्थापित करते समय आवश्यक सावधानियों पर विशेष बल दिया गया है। जिले की जनगणना प्रक्रिया की कमान जिलाधिकारी एवं प्रधान जनगणना अधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ और उपजिलाधिकारी (सा.प्र.) एवं जिला जनगणना अधिकारी रणजीत देसाई के नेतृत्व में संचालित की जाएगी।
जनगणना 2027 देश की 16वीं जनगणना होगी और यह कई अर्थों में ऐतिहासिक साबित होगी। इसमें पहली बार नागरिकों को स्वयं-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा। यह विकल्प 1 अप्रैल से 15 मई 2026 की अवधि के दौरान उपलब्ध रहेगा। इसके बाद 16 मई से 14 जून 2026 के दौरान घरगणना एवं मकानगणना का क्षेत्रीय कार्य संचालित किया जाएगा। दूसरे चरण में नागरिकों की विस्तृत सामाजिक एवं आर्थिक जानकारी एकत्रित की जाएगी।
डिजिटल माध्यमों से तेज सूचना प्रसार, जाति गणना, स्व-गणना पोर्टल और सटीक डेटा संकलन इस जनगणना की प्रमुख विशेषताएं रहेंगी।
इस दौरान, पालघर जिले के नागरिकों से जनगणना के लिए घर आने वाले गणनाकर्ताओं को सही और ईमानदार जानकारी प्रदान कर इस राष्ट्रीय उपक्रम में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ की ओर से उपजिलाधिकारी (सा.प्र.) रणजीत देसाई ने किया है।