पालघर | 31 दिसंबर
पालघर जिले में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जल संरक्षण योजनाओं के क्रियान्वयन पर जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड़ की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की सकारात्मक नीतियों और विभागीय समन्वय के कारण जिले में जल संरक्षण के कार्यों में तेज़ी आई है।
बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY), जलयुक्त शिवार 2.0, लघु सिंचाई योजनाओं की 7वीं गणना, जलसाठों की दूसरी गणना, प्रत्यक्ष स्थल सत्यापन, गादमुक्त बांध–गादयुक्त शिवार, नाला गहरीकरण एवं चौड़ीकरण तथा जलशक्ति अभियान के अंतर्गत ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत ‘जल संचय, जन भागीदारी (JSJB) 2.0’ कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की गई।
जिला जल संरक्षण अधिकारी फरीद खान ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत विभिन्न विभागों द्वारा 1,352 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। वहीं, जलयुक्त शिवार 2.0 के अंतर्गत अन्य योजनाओं और विशेष निधि से मिलाकर 2,260 कार्यों को समाप्त किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लघु सिंचाई योजनाओं की 7वीं गणना और जलसाठों की दूसरी गणना के तहत जिले के 1,009 गांवों में कार्य प्रगति पर है। प्रत्यक्ष स्थल सत्यापन योजना के अंतर्गत कुल 28,539 कार्यों में से 11,211 कार्यों का मैपिंग पूर्ण हो चुका है।
गादमुक्त बांध एवं नाला गहरीकरण योजनाओं के तहत अब तक 16,520 घनमीटर गाद निकाली जा चुकी है, जिससे जल भंडारण क्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है। जिलाधिकारी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के तहत जल संचय और जन भागीदारी (JSJB 2.0) के लिए सभी विभागों से सक्रिय सहभागिता और समय पर डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए।
डॉ. जाखड़ ने कहा कि जल संरक्षण के माध्यम से जल उपलब्धता में वृद्धि करना और किसानों व ग्रामीण जनता को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करना प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि समन्वित प्रयासों से पालघर जिला जल प्रबंधन का एक आदर्श मॉडल बन सकता है।
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