पालघर, 26 जनवरी: महाराष्ट्र के वन मंत्री एवं पालघर जिले के पालकमंत्री श्री गणेश नाईक ने आशा व्यक्त की है कि जिला प्रशासन और नागरिकों के सहयोग से पालघर जिला शीघ्र ही राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रगतिशील जिले के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा। यह बात उन्होंने कोलगांव स्थित पुलिस परेड मैदान में आयोजित 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में कही।
समारोह में पालकमंत्री श्री नाईक ने राष्ट्रीय ध्वज का शासकीय रूप से ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक राजेंद्र गावित, विधायक स्नेहा दुबे-पंडित, जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, जिला पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी, छात्र-छात्राएं और सामान्य नागरिक उपस्थित थे।
पालकमंत्री ने अपने संबोधन में वरिष्ठ आदिवासी कलाकार भिकल्या धिंडा को पद्मश्री सम्मान मिलने पर जिले के लिए यह गौरव की बात बताई और उन्हें बधाई दी। उन्होंने बताया कि मनरेगा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में पालघर जिला महाराष्ट्र में प्रथम स्थान पर रहा है। इस योजना के तहत सवा लाख परिवारों को 134 करोड़ रुपये की मजदूरी प्रदान की गई है, जिससे ग्रामीण पलायन पर नियंत्रण, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिला है।
नई VB-G-RAM-G योजना के तहत 125 दिनों की रोजगार गारंटी देने का लक्ष्य रखा गया है। पालकमंत्री ने कहा कि मनरेगा अब केवल रोजगार नहीं, बल्कि पर्यावरण अनुकूल एवं स्थायी ग्रामीण विकास का माध्यम बन गया है।
जिले में बांस रोपण अभियान के अंतर्गत अब तक 10 लाख से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। आगामी तीन वर्षों में एक करोड़ बांस के उत्पादन से किसानों को लगभग 50 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होने का अनुमान है। ‘जलतारा’ अभियान के माध्यम से साढ़े तीन लाख लीटर जल संचयन की क्षमता विकसित की गई है तथा 3 लाख जलतारा निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मनरेगा और सीएसआर के समन्वय से 200 खेत तालाबों का निर्माण प्रगति पर है।
राज्य सरकार के 10 करोड़ वृक्षारोपण अभियान में पालघर जिले का लक्ष्य 50 लाख वृक्ष था, जिसमें से 45 लाख वृक्षों का रोपण पूर्ण हो चुका है।
जिले की पहचान बन चुके भौगोलिक संकेतक (जीआई) प्रमाणित ‘बहाडोली जामुन’ के मूल्य वृद्धि हेतु एकीकृत प्रसंस्करण केंद्र की स्थापना की जा रही है। इस केंद्र में जमे हुए जामुन गूदा, बीज पाउडर और स्वास्थ्यवर्धक सिरका का उत्पादन किया जाएगा। ‘महाब्रांड’, ‘वनधन केंद्र’ और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से आदिवासी उत्पादकों को सीधे बाजार तक पहुंच प्रदान की जाएगी।
वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत पालघर जिले ने 60 हजार हेक्टेयर भूमि पर 51,529 व्यक्तिगत एवं सामूहिक दावों को स्वीकृत कर देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया है। वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे, अलीबाग-विरार मल्टी-मॉडल कॉरिडोर, बुलेट ट्रेन मार्ग और डहाणू-विरार रेल परियोजना जैसी प्रमुख बुनियादी परियोजनाओं से जिले के विकास को गति मिलने की संभावना है। वधावण में प्रस्तावित गहरे समुद्री बंदरगाह एवं लॉजिस्टिक पार्क से भविष्य में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।
ग्राम स्वराज योजना के अंतर्गत 833 गांवों का ड्रोन सर्वेक्षण किया गया है तथा 50 हजार संपत्ति पत्रक और 16 हजार स्वामित्व प्रमाणपत्र वितरित किए जा चुके हैं। श्रमिक कल्याण, लेक लाडकी योजना, PVTG विकास, कुपोषण उन्मूलन और सिकल सेल जांच जैसी पहलों से सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत किया गया है। जनता दरबार के माध्यम से प्राप्त 2065 आवेदनों में से 1853 का निपटारा कर लगभग 90 प्रतिशत आवेदकों को राहत प्रदान की गई है।
समारोह के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। राष्ट्रध्वज को समर्पित मानवंदना में पुलिस बल, महिला पुलिस, होमगार्ड, यातायात विभाग, दंगा नियंत्रण दल, त्वरित प्रतिक्रिया दल, श्वान दल और अग्निशमन दल ने भाग लिया।
पालघर जिला राष्ट्रीय स्तर पर बनेगा विकास का प्रतीक: पालकमंत्री गणेश नाईक का आश्वासन |
Published On: January 26, 2026 8:27 pm
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