पालघर, 4 फरवरी 2026: महाराष्ट्र राज्य के वन मंत्री तथा पालघर जिले के पालक मंत्री श्री गणेश नाइक की अगुवाई में जिलाधिकारी कार्यालय स्थित लोकशाहीर आत्माराम पाटील जिला नियोजन समिति सभागार में जिला नियोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पालघर जिले के समग्र एवं टिकाऊ विकास को गति प्रदान करना था।
बैठक के दौरान जिला वार्षिक योजना, आदिवासी क्षेत्र विकास, पर्यटन क्षमता वृद्धि, सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण तथा बुनियादी सुविधाओं के विस्तार से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श किया गया और निर्णय लिए गए।
इस अवसर पर विधायक एडवोकेट निरंजन डावखरे, ज्ञानेश्वर म्हात्रे, राजेंद्र गावित, शांताराम मोरे, विलास तरे, हरिश्चंद्र भोये, स्नेहा दुबे-पंडित, राजन नाइक, जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड़, वसई-विरार शहर महानगरपालिका आयुक्त मनोजकुमार सूर्यवंशी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख, डहाणू परियोजना अधिकारी विशाल खत्री तथा जिला नियोजन अधिकारी प्रशांत भामरे सहित जिले के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के प्रारंभ में हाल ही में स्वर्गवास को प्राप्त उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सम्मान में जिला नियोजन समिति द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु विकास आवंटन
राज्य शासन द्वारा निर्धारित वित्तीय सीमा के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए जिला वार्षिक योजना के अंतर्गत कुल 674.17 करोड़ रुपये का आवंटन निम्नलिखित रूप से किया गया है:
- आदिवासी उपयोजना हेतु 410.43 करोड़ रुपये
- सामान्य योजना हेतु 249.74 करोड़ रुपये
- विशेष घटक योजना हेतु 14 करोड़ रुपये
जिला नियोजन समिति ने इस विकास आराखड़े को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की। साथ ही, सामान्य योजना हेतु 333.50 करोड़ रुपये एवं आदिवासी उपयोजना हेतु 100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता हेतु राज्य शासन को प्रस्ताव भेजने की मंजूरी दी गई।
अधूरे कार्यों को प्राथमिकता
पालक मंत्री गणेश नाइक ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्ष 2025-26 में स्वीकृत 799.43 करोड़ रुपये की योजनाओं में से अब तक 559.56 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति मिल चुकी है तथा 270.36 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि पूर्व में स्वीकृत अधूरे कार्यों को पूर्ण करने हेतु प्राथमिकता दी जाए ताकि जनहित में आने वाली योजनाएं समय पर पूर्ण हो सकें।
पर्यटन विकास हेतु सहयोग
पालघर जिले को सांस्कृतिक एवं पारिस्थितिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने के उद्देश्य से उत्तर कोंकण वाणिज्य एवं कृषि मंडल (NKCCA) के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। जिलाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड़ की पहल पर आधारित इस पहल के तहत युवा वर्ग के लिए रील प्रतियोगिता, डिजिटल कथाकार, जन जागरूकता अभियान तथा उच्च गुणवत्ता वाली पर्यटन सामग्री विकसित की जाएगी। इससे स्थानीय रोजगार सृजन, नवाचार एवं सामुदायिक भागीदारी को बल मिलेगा।
बिरसा मुंडा स्मारक की स्वीकृति
स्वतंत्रता संग्राम के प्रसिद्ध आदिवासी नेता धरती आबा बिरसा मुंडा के सम्मान में पालघर जिले में स्मारक निर्माण के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्राप्त हुई। यह स्मारक उनके संघर्षशील जीवन तथा आदिवासी संस्कृति की समृद्ध परंपरा को प्रदर्शित करेगा।
पद्मश्री भिकल्या धिंडा को सम्मान
पालघर जिले के गौरवशाली व्यक्तित्व, वरिष्ठ तारपा वादक पद्मश्री भिकल्या धिंडा को जिला नियोजन समिति द्वारा शाल एवं श्रीफल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
तीर्थ स्थलों को ‘क’ श्रेणी का दर्जा
आकांक्षी तालुका कार्यक्रम के अंतर्गत संपूर्णता अभियान 2.0 का शुभारंभ किया गया। इसी क्रम में श्रीकृष्ण मंदिर (गालतरे, वाडा), पद्मनाभ स्वामी मंदिर (टेंभोडे, पालघर) तथा शीतलादेवी मंदिर (केळवे, पालघर) को ‘क’ श्रेणी का दर्जा प्रदान करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।