मुजफ्फरपुर। रामेश्वर महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर के स्नातकोत्तर वाणिज्य विभाग द्वारा किशोरी सिन्हा सभागार में ‘सफलता का मूल मंत्र: धैर्य, परिश्रम और संकल्प’ विषय पर एक उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रतिष्ठित परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर 102वीं रैंक प्राप्त करने वाले अभिषेक चौहान रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) श्यामल किशोर ने की, जबकि विषय प्रवेश राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शारदा नंद सहनी ने कराया। उन्मुखीकरण कार्यक्रम की संयोजक वाणिज्य विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. महजबीन परवीन थीं। विशेष रूप से अभिषेक चौहान की माता अनुराधा राजपूत भी कार्यक्रम में उपस्थित रहीं।
प्राचार्य ने छात्रों को दिया प्रेरणा संदेश
अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो. श्यामल किशोर ने कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, स्पष्ट संकल्प और निरंतर कड़ी मेहनत के माध्यम से कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को रोजगार सृजनकर्ता बनने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सफलता की दिशा में अग्रसर होते समय निर्णय लेने की स्वतंत्रता और आत्मविश्वास बनाए रखना आवश्यक है।
यूपीएससी रैंकर अभिषेक चौहान का अनुभव साझा
मुख्य वक्ता अभिषेक चौहान ने छात्रों के साथ अपने अध्ययन अनुभव साझा करते हुए बताया कि समाज के लिए सकारात्मक योगदान देना प्रत्येक शिक्षित युवा का दायित्व है। उन्होंने कहा कि किसी भी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समय प्रबंधन, ऊर्जा का उचित उपयोग और धैर्य अत्यंत आवश्यक है। अनुशासन पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में किए गए सही प्रयास और स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण भविष्य की सफलता की नींव रखते हैं।
वरिष्ठ आचार्य का स्वागत संबोधन
महाविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य प्रो. (डॉ.) रजनी रंजन ने अपने स्वागत संबोधन में सभी श्रोताओं का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए निरंतर संघर्ष और लक्ष्य के प्रति समर्पण आवश्यक है। यदि व्यक्ति में संघर्ष करने की क्षमता और पूर्ण समर्पण है, तो सफलता अवश्य प्राप्त होती है।
कार्यक्रम में उपस्थित रहे शिक्षक एवं छात्र
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक वृंद में डॉ. शारदा नंद सहनी, डॉ. धीरज कुमार सिंह, डॉ. राकेश कुमार सिंह, डॉ. संदीप कुमार सिंह, डॉ. गोवर्धन, डॉ. उपेंद्र प्रसाद, डॉ. अभिनय कुमार, डॉ. माहेश्वर प्रसाद सिंह, डॉ. सर्वेश्वर कुमार सिंह, डॉ. मीरा कुमारी, डॉ. पूनम कुमारी, डॉ. अविनाश, डॉ. रणवीर सिंह, डॉ. अंबुजेश कुमार मिश्र, सीतेश कुमार सिंह, रीतेश रंजन, किशन सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।