पटना/लखनऊ, विदुषी समूह ग्लोबल संस्कृत फोरम, संस्कृत विभाग और प्राकृत भाषा लखनऊ, नवयुग कन्या महाविद्यालय, लखनऊ, महिला विद्यालय डिग्री कॉलेज, लखनऊ, सुभाष चंद्र बोस राजकीय महिला महाविद्यालय लखनऊ एवं नारी शिक्षा निकेतन पीजी कॉलेज, लखनऊ शिक्षण संस्थाओं के संयुक्त तत्वाधान में तृतीय ग्लोबल विदुषी द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 2026 का आयोजन लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय भवन के सभागार में किया गया। 7 मार्च एवं 8 मार्च को ऑफलाइन मोड में आयोजित इस सम्मेलन का विषय “शक्ति अपनी पूर्ण कला में स्फुरित” रहा। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के द्वारा किया गया। बीज वक्ता के रूप में प्रो मनु लता शर्मा, सारस्वत अतिथि के रूप में संस्कृत के मूर्धन्य विद्वान प्रो हरि दत्त शर्मा, प्रो आशु रानी विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो हरप्रीत कौर, प्रो रचना दुबे, प्रो रश्मि बिश्नोई, प्रो धर्म कौर, मुख्य अतिथि के रूप में प्रो मनोज दीक्षित जैसे महनीय विद्वानों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने उद्बोधन में नारी के महत्व और विशेषताओं पर प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन डॉ राजेश कुमार मिश्र महासचिव ग्लोबल संस्कृत फोरम के द्वारा किया गया। इस अवसर पर मगध विश्वविद्यालय बोधगया के संस्कृत विभाग की सहायक प्राध्यापिका डॉ. एकता वर्मा को “याज्ञसेनी राष्ट्रीय पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। साथ ही सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के उपरांत आयोजित तकनीकी सत्र में डॉ. एकता वर्मा ने आमंत्रित वक्ता के रूप में अपना विचार प्रस्तुत करते हुए आधुनिक संस्कृत साहित्य की प्रख्यात कवयित्री पंडिता क्षमता राव के साहित्यिक अवदान पर विद्वत्तापूर्ण व्याख्यान दिया। अपने वक्तव्य में उन्होंने पंडिता क्षमा देवी राव के काव्य की प्रमुख विशेषताओं, संस्कृत साहित्य में उनके रचनात्मक योगदान तथा आधुनिक संस्कृत काव्यधारा में उनके विशिष्ट स्थान को उदाहरणों सहित स्पष्ट किया। डॉ. वर्मा के इस विचारोत्तेजक व्याख्यान को विद्वानों और श्रोताओं द्वारा अत्यंत सराहा गया।
ब्यूरो चीफ : विनोद प्रसाद।