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वसई के चिंचोटी में राम नवमी पर भव्य एवं शांतिपूर्ण शोभा यात्रा का सफल आयोजन |

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दिनांक: 28 मार्च 2026

वसई, महाराष्ट्र |
वसई के कामन क्षेत्र के चिंचोटी में राम नवमी के पावन पर्व पर धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। बजरंग मित्र मंडल के तत्वावधान में जय मां दुर्गा मंदिर समिति और जय मां विंध्यवासिनी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा आयोजित भव्य शोभा यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और पूरे क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण निर्मित हुआ।
शोभा यात्रा का मार्ग और व्यवस्था
शोभा यात्रा चिंचोटी क्षेत्र के निर्धारित मार्गों से होते हुए निकाली गई। यात्रा के दौरान ‘जय श्रीराम’, ‘बजरंगबली की जय’ के गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण गुंजायमान रहा। ढोल-नगाड़ों की थाप, भक्ति गीतों की मधुर धुन और आकर्षक झांकियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पुलिस प्रशासन और आयोजन समिति के सहयोग से यात्रा का संचालन पूरी तरह अनुशासित और शांतिपूर्ण रहा।
आयोजन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले सदस्य
इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में बजरंग मित्र मंडल के पदाधिकारियों की सक्रिय भूमिका रही:
सुरेंद्र यादव, अध्यक्ष, बजरंग मित्र मंडल
राजेश कोरी, खजिंदर, बजरंग मित्र मंडल
नारायण गुप्ता, सचिव, बजरंग मित्र मंडल
जेपी यादव, अध्यक्ष, जय मां विंध्यवासिनी वेलफेयर सोसाइटी
शिवपूजन गुप्ता, मार्गदर्शक, जय मां विंध्यवासिनी वेलफेयर सोसाइटी
सहयोगी सदस्यों का योगदान
कार्यक्रम की सफलता में निम्नलिखित सदस्यों का सराहनीय सहयोग रहा:
राजू मिश्रा, प्रदीप विश्वकर्मा, राकेश चौरसिया, विनोद तिवारी, राहुल दुबे, राधेश्याम चौहान, रविंद्र विश्वकर्मा और रमाकांत यादव। इनके समन्वय और परिश्रम के कारण आयोजन सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
अतिथियों की उपस्थिति और शुभकामनाएं
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाजसेवकों ने आयोजन की सराहना की:
दिनेश म्हात्रे (समाजसेवक)
कुंदन भगली
विनोद गवली
मनोज मौर्य
आकाश गायकवाड
लाखिया गवारी
नायक पांडे
सभी अतिथियों ने इस आयोजन को धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने क्षेत्र में शांति, सद्भाव और भाईचारे को बनाए रखने के महत्व पर बल दिया।
सामाजिक संदेश और भविष्य की दिशा
राम नवमी शोभा यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामुदायिक एकजुटता का प्रतीक रही। आयोजन के अंत में सभी प्रतिभागियों ने क्षेत्र में शांति और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। पुलिस प्रशासन और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से यह आयोजन एक मिसाल पेश करता है कि कैसे धार्मिक उत्सवों को शांतिपूर्ण और समावेशी तरीके से मनाया जा सकता है।
निष्कर्ष
चिंचोटी की यह राम नवमी शोभा यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक अनुभव रही। आयोजन की सफलता स्थानीय संगठनों, स्वयंसेवकों और प्रशासन के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। भविष्य में भी ऐसे आयोजन सामाजिक एकता और धार्मिक सद्भाव को मजबूत करने में सहायक होंगे, यह अपेक्षा की जाती है।

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Rajesh