संवाददाता: साहिल यादव
वसई/पालघर: वसई तालुका के नागले क्षेत्र में बनने वाले नए रेलवे स्टेशन के नामकरण को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। स्टेशन का नाम ‘न्यू खारबाव’ रखे जाने पर पूर्व नगरसेविका प्रीति दिनेश म्हात्रे ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस संबंध में पालघर लोकसभा सांसद डॉ. हेमंत सवरा को एक पत्र सौंपकर रेल मंत्रालय के समक्ष इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
भौगोलिक स्थिति और स्थानीय पहचान का तर्क
पूर्व नगरसेविका का कहना है कि प्रस्तावित रेलवे स्टेशन पूरी तरह से वसई तालुका के नागले क्षेत्र में आता है, जबकि खारबाव गांव और पुराना खारबाव रेलवे स्टेशन भिवंडी (जिला ठाणे) में स्थित है। ऐसे में नागले में बनने वाले नए स्टेशन का नाम ‘न्यू खारबाव’ रखना न तो भौगोलिक दृष्टि से सही है और न ही यह स्थानीय पहचान का प्रतिनिधित्व करता है।
यात्रियों में भ्रम और जनभावनाओं का मुद्दा
सांसद को भेजे गए पत्र में उल्लेख किया गया है कि यदि स्टेशन का निर्माण नागले या कामण क्षेत्र में हो रहा है, तो उसका नामकरण भी उसी क्षेत्र की ऐतिहासिक व क्षेत्रीय पहचान के आधार पर होना चाहिए। अलग क्षेत्र के नाम पर स्टेशन का नाम रखने से भविष्य में यात्रियों में भारी भ्रम की स्थिति पैदा होगी और इससे स्थानीय नागरिकों की भावनाएं भी आहत हो रही हैं।
रेल मंत्री से हस्तक्षेप की मांग
पूर्व नगरसेविका प्रीति दिनेश म्हात्रे ने सांसद डॉ. हेमंत सवरा से अपील की है कि वे इस गंभीर मुद्दे को अविलंब रेल मंत्री के समक्ष उठाएं। उन्होंने ‘न्यू खारबाव’ नाम को निरस्त कराकर स्थानीय जनता की आकांक्षाओं और क्षेत्रीय अस्मिता के अनुरूप नया नाम तय कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।