संवाददाता: साहिल यादव
वसई-विरार: जुलाई 2026 में पालघर जिले और वसई-विरार क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण आई विनाशकारी बाढ़ में वसई-विरार शहर महानगरपालिका के अग्निशमन विभाग के जवानों ने अद्भुत साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया। अपनी जान जोखिम में डालकर आपदा के दौरान 124 नागरिकों को सुरक्षित निकालने वाली अग्निशमन दल की 7 सदस्यीय टीम को जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से ‘पूर रक्षक’ सम्मान से नवाजा गया है।
3 अलग-अलग अभियानों में बचाई गई 124 जिंदगियाँ
23 जुलाई 2026 को अग्निशमन दल ने वसई-विरार सीमा से बाहर जाकर पालघर जिले के विभिन्न हिस्सों में भीषण बाढ़ के बीच राहत व बचाव कार्य चलाया:
- तलासरी (गिरगांव भूजल पाड़ा): नदी का जलस्तर अत्यधिक बढ़ने के कारण गांव में पानी भर गया था। सूचना मिलते ही पहुँचे जवानों ने लाइफ बोट (Life Boat) के जरिए 97 लोगों को सुरक्षित निकाला।
- तलासरी (सवणे पाटील पाड़ा): तेज बहाव और विकट परिस्थितियों के बावजूद जवानों ने रस्सी की सहायता से 25 नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला।
- बोईसर (नागझरी): बाढ़ के पानी के बीच एक पेड़ पर फँसे 2 नागरिकों को रस्सी के सहारे सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
पालकमंत्री गणेश नाईक के हाथों मिला ‘पूर रक्षक’ सम्मान
अग्निशमन जवानों के इस साहसिक और मानवीय कार्य की सराहना करते हुए स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2026) के अवसर पर पालघर जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित समारोह में उन्हें ‘पूर रक्षक’ सम्मान प्रमाणपत्र प्रदान किया गया। यह सम्मान पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक के हाथों दिया गया।
सम्मानित होने वाले 7 जाबांज़ कर्मचारी:
- दीपक पाटील (वाहन चालक)
- भूपेश भोईर (फायरमैन)
- सागर पाटील (फायरमैन)
- स्वप्नील पाटील (फायरमैन)
- परेश घाग (फायरमैन)
- धनाजी मुलीक (फायरमैन)
- दर्शन पाटील (फायरमैन)
प्रशासन, महापौर और आयुक्त ने जताया गर्व
इस उपलब्धि पर महानगरपालिका के अतिरिक्त आयुक्त (अग्निशमन व आपदा प्रबंधन) दीपक सावंत, उप-आयुक्त अजित मुठे और मुख्य अग्निशमन अधिकारी रोहन मोरे ने जवानों के कार्य की मुक्तकंठ से सराहना की। वहीं वसई-विरार शहर महानगरपालिका के महापौर अजीव पाटील और आयुक्त पृथ्वीराज बी.पी. (आईएएस) ने भी सभी सम्मानित कर्मियों को बधाई देते हुए उनके साहस, तत्परता और निस्वार्थ सेवाभाव पर गर्व व्यक्त किया।