वसई–विरार/मुंबई: वसई–विरार क्षेत्र में हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या को नियंत्रित करने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। महाराष्ट्र के वन मंत्री गणेश नाईक ने प्राकृतिक नालों में बढ़ रहे मैंग्रोव (कांदळवन) का स्थल निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को नियमों के तहत इन्हें खाड़ी क्षेत्र में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं।
इस संबंध में सह्याद्री अतिथिगृह में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमें भाजपा विधायक राजन नाईक और विधायक स्नेहा दुबे भी उपस्थित रहे। बैठक में बाढ़ नियंत्रण से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक के दौरान वन मंत्री ने वैज्ञानिक संस्थानों सीएसआईआर–नीरी और आईआईटी मुंबई द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट को लागू करने के निर्देश दिए। इन रिपोर्टों में बाढ़ की समस्या को कम करने के लिए वैज्ञानिक और दीर्घकालिक उपाय सुझाए गए हैं।
इसके अलावा समुद्र के ज्वार का पानी नालों में प्रवेश करने से रोकने के लिए विशेष वाल्व सिस्टम लगाने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बरसात के दौरान जलभराव की समस्या काफी हद तक कम हो सकेगी।
वन मंत्री ने वसई–नालासोपारा क्षेत्र में मैंग्रोव पार्क विकसित करने के भी निर्देश दिए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र की जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को पर्यटन के रूप में भी लाभ मिल सकेगा।
स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि सरकार द्वारा उठाए जा रहे इन कदमों से हर साल होने वाली बाढ़ की समस्या से राहत मिलेगी और क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था मजबूत होगी।