82 अस्थायी ज़ोन चिन्हित, 15,215 फेरीवालों को मिलेगा निर्धारित व्यवसाय स्थल
वसई-विरार शहर में सड़कों और रेलवे स्टेशन परिसरों के आसपास बढ़ती भीड़ और यातायात समस्या को नियंत्रित करने के लिए वसई-विरार महानगरपालिका (वीवीएमसी) ने फेरीवाला नीति को लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इस नीति के तहत शहर में प्रारंभिक रूप से 82 अस्थायी ज़ोन चिन्हित किए गए हैं, जहां पंजीकृत फेरीवालों को नियंत्रित और व्यवस्थित तरीके से व्यवसाय करने की अनुमति दी जाएगी। नगरपालिका द्वारा किए गए नवीनतम सर्वेक्षण के अनुसार शहर में कुल 15,215 पथविक्रेता दर्ज किए गए हैं। इससे पहले यह संख्या 15,156 थी, जिसमें हालिया पुनः सर्वेक्षण के बाद 59 फेरीवालों की वृद्धि दर्ज की गई है। प्रशासन का कहना है कि नीति लागू होने के बाद सभी पात्र फेरीवालों को निश्चित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे अनियंत्रित अतिक्रमण और यातायात बाधा की समस्या में कमी आएगी। इस संबंध में आयुक्त मनोजकुमार सुर्वेगिरी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें उप आयुक्त, अभियंता और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में फेरीवाला नीति के क्रियान्वयन और सर्वेक्षण की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही शहर पथविक्रेता समिति के गठन और चुनाव प्रक्रिया के लिए पालघर जिला कामगार आयुक्त को सर्वे सूची के साथ प्रस्ताव भेजा गया है। समिति गठन के बाद सभी पात्र पथविक्रेताओं को चिन्हित स्थानों पर अधिकृत व्यवसाय स्थल आवंटित किया जाएगा। प्रभागवार विवरण के अनुसार सबसे अधिक 4,479 पथविक्रेता प्रभाग आर में दर्ज किए गए हैं, जबकि अन्य प्रभागों में भी बड़ी संख्या में फेरीवालों की पहचान की गई है। प्रशासन का कहना है कि विभिन्न प्रभाग समितियों में प्राप्त आपत्तियों और सुझावों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है, ताकि अंतिम नीति संतुलित और व्यावहारिक बन सके। आयुक्त मनोजकुमार सुर्वेगिरी ने बताया कि इस नीति का उद्देश्य अतिक्रमण हटाना नहीं बल्कि व्यापार व्यवस्था को व्यवस्थित करना है, जिससे यातायात सुचारू रहे और सभी को न्याय मिल सके। वहीं महापौर अजीत पाटिल ने कहा कि महानगरपालिका का लक्ष्य प्रत्येक पथविक्रेता को न्यायसंगत अवसर प्रदान करना है और सभी पात्र फेरीवालों को उनका अधिकृत व्यवसाय स्थल उपलब्ध कराया जाएगा। नगरपालिका को उम्मीद है कि नीति लागू होने के बाद शहर में व्यवस्था अधिक सुगम होगी और नागरिकों के साथ-साथ फेरीवालों को भी राहत मिलेगी
संवाददाता : साहिल यादव