संवाददाता: साहिल यादव |
वसई, मुंबई : राज्य विधानसभा के बजट सत्र में वसई–विरार क्षेत्र में पानी की किल्लत का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया। विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने सदन में ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि वर्ष 2009 में वसई–विरार महानगरपालिका के गठन के समय शामिल किए गए 53 गांवों के हजारों मकानों को आज तक सीसीओसी (कम्प्लीशन/ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट) प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि इनमें कई घर ग्राम पंचायत की पूर्व अनुमति से निर्मित हुए थे, जबकि कुछ मकान तो लगभग सौ वर्ष पुराने भी हैं। 17 दिसंबर 2024 को Supreme Court of India द्वारा दिए गए आदेश के अनुसार केवल सीसीओसी युक्त इमारतों को ही जल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा सकता है। इस निर्णय के चलते अमृत योजना 2.0 के अंतर्गत प्रस्तावित नई जलापूर्ति योजना से बड़ी संख्या में परिवार वंचित रह जाने की संभावना जताई जा रही है। विधायक ने सरकार से आग्रह किया कि ग्राम पंचायत काल में अधिकृत रूप से बने मकानों को वैधता प्रदान कर तत्काल जल कनेक्शन देने के निर्देश जारी किए जाएं। उनका कहना था कि लंबे समय से पानी की समस्या झेल रहे नागरिकों को शीघ्र राहत मिलनी चाहिए।