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विरार में सफाई व्यवस्था पर सवाल: नारंगी और गोपचर पाड़ा में कचरे के ढेर, बारिश में जलभराव की आशंका |

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विरार, 3 जुलाई 2026

सड़कों पर कचरे के ढेर, नागरिकों में रोष

विरार शहर के कई हिस्सों में कचरा निपटान की व्यवस्था चरमराने से नागरिकों में भारी रोष है। नारंगी, गोपचर पाड़ा, मकवाना और वीर सावरकर मार्ग क्षेत्र की सड़कें इन दिनों कचरे के ढेर से पटी हुई हैं। समय पर कचरा न उठने से क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

चेतावनी बोर्ड के सामने ही जमा हुआ मलबा

स्थानीय नागरिकों के अनुसार, कई दिनों से सड़कों और चौराहों पर कचरा जमा होने से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि मनपा द्वारा लगाए गए ‘कचरा न फैलाएं’ वाले चेतावनी बोर्डों के ठीक सामने ही कचरे के ढेर दिख रहे हैं। यह स्थिति महानगरपालिका की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है।

नागरिकों ने जताई नाराजगी

क्षेत्र के लोगों ने वसई-विरार महानगरपालिका की सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। नागरिकों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। लोगों ने बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ) के प्रभाग क्रमांक-4 के स्थानीय नगरसेवक पर भी सफाई व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए।

जलभराव का बढ़ता खतरा

बरसात के मौसम में सड़कों पर पड़ा कचरा नालियों में जाकर जाम कर सकता है। इससे क्षेत्र में जलभराव की स्थिति पैदा होने की आशंका जताई जा रही है। नागरिकों ने मनपा से तत्काल सफाई अभियान चलाने और कचरा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

मनपा ने बताई बारिश को वजह

इस पूरे मामले पर वसई-विरार महानगरपालिका के आरोग्य विभाग के सहायक आयुक्त जितेंद्र नाईक का कहना है कि महानगरपालिका द्वारा नियमित रूप से कचरा उठाया जाता है। हालांकि, लगातार बारिश के कारण कभी-कभी कचरा उठाने की प्रक्रिया में देरी हो जाती है। उन्होंने बताया कि स्थिति को सुधारने के लिए सभी स्वच्छता निरीक्षकों की बैठक बुलाई गई है और आपातकालीन हालात में भी सफाई व्यवस्था बरकरार रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

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Rajesh