प्रकाश आंबेडकर का केंद्र सरकार पर हमला, ईरान के समर्थन में 1 अक्टूबर को मुंबई में जनआंदोलन का ऐलान |

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बोले- कठिन दौर में भारत को ईरान के साथ खड़ा होना चाहिए, युद्ध जारी रहने तक इजराइल को हथियार न बेचने की मांग

मुंबई। वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के अध्यक्ष एडवोकेट प्रकाश आंबेडकर ने भारत की विदेश नीति और मध्य पूर्व के मौजूदा हालात को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। एक पत्रकार सम्मेलन में उन्होंने कहा कि मौजूदा संकट के दौरान भारत को ईरान के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए।

कश्मीर मुद्दे पर ईरान के समर्थन का जिक्र

प्रकाश आंबेडकर ने कहा कि जब भी कश्मीर का मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों या संयुक्त राष्ट्र में उठा, तब ईरान ने भारत और उसकी भूमिका का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि भारत को अपने पुराने सहयोगी देश के मुश्किल समय में उसके साथ खड़ा होना चाहिए।

उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र को यह समझना चाहिए कि इस कठिन परिस्थिति में भारत की जनता ईरान के साथ खड़ी है।

इजराइल से संबंध खत्म करने की मांग नहीं

प्रकाश आंबेडकर ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग भारत और इजराइल के संबंध समाप्त करने की नहीं है। हालांकि, उन्होंने अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के बीच भारत से ईरान के समर्थन में खुलकर सामने आने की अपील की।

उन्होंने यह भी मांग रखी कि जब तक युद्ध जारी है, तब तक भारत को इजराइल को किसी भी प्रकार के हथियार नहीं बेचने चाहिए।

तेल और महंगाई का भी उठाया मुद्दा

प्रकाश आंबेडकर ने तेल की कीमतों और बढ़ती महंगाई का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से खरीदे गए तेल के संदर्भ में भारत अपने परिवार और देश के बजट पर पड़ रहे दबाव को कम कर सकता है।

उनका कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार को ऐसी नीतियां अपनानी चाहिए, जिससे बढ़ती महंगाई और आर्थिक दबाव को नियंत्रित किया जा सके।

1 अक्टूबर को सीएसटी स्टेशन के सामने जनआंदोलन

प्रकाश आंबेडकर ने घोषणा की कि 1 अक्टूबर को मुंबई के सीएसटी स्टेशन के सामने जनआंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन के जरिए जनता सरकार से आग्रह करेगी कि जिस तरह ईरान ने मुश्किल समय में भारत का साथ दिया, उसी तरह भारत को भी उसके कठिन दौर में ईरान के साथ खड़ा होना चाहिए।

उन्होंने कुछ महीने पहले इटली द्वारा भारत के पांच जहाजों को रोके जाने का भी जिक्र किया और इसे भारत की विदेश नीति से जुड़ा गंभीर विषय बताया। उन्होंने केंद्र सरकार की कथित “चॉकलेट डिप्लोमेसी” पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे भारत की बेइज्जती हुई है और ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसी उद्देश्य से आंदोलन किया जाएगा।

तृप्ति प्रमाण न्यूज

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