सुरक्षित मां और संस्कारित बच्चे से बनेगा समृद्ध महाराष्ट्र: जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ |

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राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के कार्यक्रम में मातृ एवं बाल स्वास्थ्य को विकास की सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर

पालघर। पालघर की जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने कहा कि स्वस्थ और सुरक्षित मातृत्व के साथ बच्चों का बेहतर स्वास्थ्य एवं संस्कारित विकास ही महाराष्ट्र को विकसित और समृद्ध बनाने की मजबूत नींव है। उन्होंने मातृ एवं बाल स्वास्थ्य तथा पोषण को विकास के एजेंडे में सर्वोच्च प्राथमिकता देने की जरूरत बताई।

जिला परिषद पालघर में केंद्रीय संचार ब्यूरो की ओर से ‘राष्ट्रीय पोषण माह 2026’ के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय जनजागरूकता कार्यक्रम में जिलाधिकारी ने यह बात कही। कार्यक्रम में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सुरक्षित मातृत्व और बच्चों के विकास पर सरकार का फोकस

डॉ. जाखड़ ने कहा कि राज्य सरकार के 2024 से 2029 के विकास एजेंडे में सुरक्षित मातृत्व तथा बच्चों के स्वस्थ और संस्कारित विकास को विशेष महत्व दिया गया है।

उन्होंने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग और जिला परिषद के माध्यम से माताओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर विभिन्न योजनाएं और अभियान संचालित किए जा रहे हैं। इन अभियानों को प्रभावी बनाने के लिए समाज की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया गया।

कम वजन के साथ अधिक वजन भी चिंता का विषय

जिलाधिकारी ने कहा कि कुपोषण को केवल कम वजन तक सीमित नहीं देखा जाना चाहिए। अधिक वजन की समस्या भी कुपोषण के व्यापक स्वरूप का हिस्सा है। इसलिए दोनों स्थितियों को गंभीरता से लेने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि यदि वजन से संबंधित समस्या किसी चिकित्सकीय कारण से है तो उचित उपचार कराया जाना चाहिए। इसके साथ ही लोगों को अपने खान-पान को लेकर भी जागरूक होना जरूरी है—क्या खाया जा रहा है, कितनी मात्रा में खाया जा रहा है और भोजन किस समय लिया जा रहा है।

गर्भवती महिलाओं और बच्चों के संतुलित आहार पर जोर

डॉ. जाखड़ ने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के लिए गर्भवती महिलाओं तथा बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं को समय पर पर्याप्त और पौष्टिक भोजन मिलना चाहिए। वहीं बच्चों को उनकी उम्र और जरूरत के अनुरूप नियमित एवं संतुलित आहार दिया जाना आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने भोजन से जुड़ी गलत आदतों पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि कुछ स्थानों पर बच्चों को आवश्यकता से कम बार भोजन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसी स्थितियों को दूर करने के लिए जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।

पोषण अभियान से सकारात्मक परिणाम की उम्मीद

जिलाधिकारी ने मातृ एवं बाल स्वास्थ्य तथा पोषण के लिए संचालित सरकारी अभियानों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि इनके माध्यम से सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।

उन्होंने नागरिकों से अपने दैनिक खान-पान की आदतों के प्रति सजग रहने और राष्ट्रीय पोषण अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की।

तीन दिवसीय जनजागरूकता कार्यक्रम के दौरान संतुलित आहार, कुपोषण उन्मूलन, मातृ एवं बाल स्वास्थ्य, बच्चों के सर्वांगीण विकास और पोषण के महत्व को लेकर विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। कार्यक्रम में जिला परिषद, महिला एवं बाल विकास विभाग और संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

तृप्ति प्रमाण न्यूज

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