रामदयालगंज हत्याकांड में दो नामजद आरोपी गिरफ्तार; मनीष यादव के आपराधिक इतिहास और कथित राजनीतिक कनेक्शन को लेकर चर्चाएं तेज
जौनपुर: लाइन बाजार थाना क्षेत्र के रामदयालगंज में हुए विशाल यादव हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चांदपुर निवासी मनीष यादव पुत्र उदय प्रताप यादव उर्फ लल्लन और गहोरा निवासी नीरज यादव के रूप में हुई है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 376/2026 के तहत कार्रवाई की गई है। मामले में बीएनएस की धारा 103(1), 3(5) और 351(3) के तहत मुकदमा दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुरानी रंजिश में विशाल यादव पर हमला
मामला रामदयालगंज बाजार में पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद से जुड़ा है। शुक्रवार को विशाल यादव पर कथित तौर पर लाठी-डंडों और लोहे की सरिया से हमला किया गया था।
हमले में विशाल यादव गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने विशाल यादव का शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी तथा कड़ी कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधिकारियों के समझाने और कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कराया गया।
मनीष यादव का आपराधिक इतिहास भी सामने आया
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मनीष यादव के खिलाफ वर्ष 2016 से 2026 के बीच कुल 12 मुकदमे दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इनमें मारपीट, बलवा और धमकी समेत विभिन्न धाराओं से जुड़े मामले बताए गए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड में वर्ष 2016 और 2018 के कुछ मामलों में धारा 307 का भी उल्लेख होने की जानकारी सामने आई है।
वहीं, दूसरे गिरफ्तार आरोपी नीरज यादव के खिलाफ भी पुलिस ने आपराधिक इतिहास होने की जानकारी दी है।
सपा विधायक से नजदीकी की चर्चा
मनीष यादव की गिरफ्तारी के बाद मामले ने राजनीतिक चर्चा का रूप भी ले लिया है। स्थानीय स्तर पर मनीष यादव को एक सपा विधायक का करीबी बताए जाने की चर्चा सामने आई है।
इसके साथ ही विशाल यादव की हत्या के पीछे किसी सपा विधायक की भूमिका होने को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
हालांकि, किसी विधायक की हत्या में भूमिका या राजनीतिक कनेक्शन की पुलिस अथवा किसी जांच एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इन बातों को फिलहाल केवल आरोप या स्थानीय चर्चाओं के तौर पर ही देखा जा रहा है।
विधायक आवास से गिरफ्तारी का दावा भी चर्चा में
मनीष यादव की गिरफ्तारी को लेकर यह दावा भी सामने आया है कि उसे कथित तौर पर विधायक आवास से गिरफ्तार किया गया। हालांकि पुलिस की आधिकारिक जानकारी में गिरफ्तारी के स्थान का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
इसलिए विधायक आवास से गिरफ्तारी के दावे की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
पुलिस जांच पर टिकी मामले की अगली दिशा
दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ा दी है। अब जांच में यह सामने आना महत्वपूर्ण होगा कि विशाल यादव की हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और घटना में आरोपियों की भूमिका किस प्रकार रही।
इसके साथ ही मामले में सामने आ रहे राजनीतिक कनेक्शन के दावों की भी स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस कार्रवाई और न्यायालयीन प्रक्रिया जारी है। किसी भी राजनीतिक व्यक्ति की भूमिका को लेकर सामने आए दावों को जांच पूरी होने से पहले तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।
संवाददाता: शम्भू विश्वकर्मा



