गणेश चतुर्थी पर अमल सहरावत बोले—‘गणपति सच में मुंबई की धड़कन हैं’ |

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अभिनेता ने साझा किए गणेशोत्सव से जुड़े अनुभव, पारिवारिक परंपराओं और बप्पा से जुड़ी अपनी आस्था के किस्से

मुंबई। मायानगरी में गणेश चतुर्थी के उत्सव के बीच फिल्म और टेलीविजन अभिनेता अमल सहरावत ने गणपति उत्सव से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। ‘सरकार 3’, ‘सत्या 2’, ‘छोटी सरदारनी’ और ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ जैसे प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुके अमल के लिए गणेश चतुर्थी सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, सकारात्मकता और नई शुरुआत का प्रतीक है।

मुंबई के गणपति उत्सव से खास जुड़ाव

अमल के मुताबिक, मुंबई में रहने के बाद उन्होंने गणेशोत्सव को एक अलग नजरिए से महसूस किया। उनके लिए गणपति अब मुंबई की पहचान और शहर की जीवंतता का हिस्सा बन चुके हैं। उनका मानना है कि इस पर्व की खूबसूरती केवल सजावट और भव्य आयोजनों में नहीं, बल्कि लोगों की आस्था और एकजुटता में भी दिखाई देती है।

परिवार और परंपराओं से जुड़ी आस्था

अभिनेता ने बताया कि परिवार के साथ घर में बप्पा का स्वागत करना, पूजा-अर्चना करना और महत्वपूर्ण कामों से पहले भगवान गणेश का आशीर्वाद लेना उनके लिए खास परंपराएं हैं। उनका मानना है कि समय के साथ भले ही जीवन में बदलाव आएं, लेकिन परिवार और परंपराओं से जुड़े संस्कार व्यक्ति को अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।

मुश्किल समय में धैर्य की सीख

भगवान गणेश को विघ्नहर्ता मानते हुए अमल का कहना है कि बप्पा से उन्हें मुश्किल परिस्थितियों में शांत और सकारात्मक बने रहने की प्रेरणा मिलती है। उनका विश्वास है कि चुनौतियों के बीच मेहनत और प्रयास जारी रखना चाहिए और परिणाम की चिंता बप्पा पर छोड़ देनी चाहिए।

भव्यता के साथ पर्व की भावना भी जरूरी

गणेश उत्सव के बढ़ते भव्य और व्यावसायिक स्वरूप पर अमल का नजरिया संतुलित है। उनका मानना है कि बड़े आयोजन लोगों को जोड़ने का माध्यम बन सकते हैं, लेकिन उत्सव की मूल भावना—श्रद्धा, परिवार, एकजुटता और कृतज्ञता—भी बनी रहनी चाहिए।

यदि किसी वर्ष उनके घर गणपति की स्थापना नहीं हो पाती, तो अमल दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां जाकर बप्पा के दर्शन और आरती में शामिल होना पसंद करते हैं। उनके मुताबिक गणेश चतुर्थी का एक खूबसूरत पहलू यह भी है कि लोग एक-दूसरे के घर जाते हैं और प्रसाद के साथ खुशियां साझा करते हैं।

मोदक है पसंदीदा

त्योहार के खान-पान में अमल के लिए मोदक सबसे खास है। उन्हें गणपति उत्सव का प्रसाद और पारंपरिक व्यंजन भी पसंद हैं। उनके अनुसार, त्योहारों का खाना केवल स्वाद से नहीं, बल्कि परिवार और अपनों के साथ मिल-बांटकर खाने की खुशी से भी जुड़ा होता है।

परिवार और करियर के लिए बप्पा से मांगा आशीर्वाद

इस गणेश चतुर्थी पर अमल सहरावत ने अपने परिवार और प्रियजनों की अच्छी सेहत, खुशहाली और शांति की कामना की। वहीं पेशेवर जीवन में वे नई संभावनाओं, सही अवसरों और उन्हें बेहतर तरीके से निभाने की शक्ति व समझ के लिए बप्पा का आशीर्वाद चाहते हैं।

अपनी भावनाएं साझा करते हुए अमल ने कहा कि बप्पा का हाथ हमेशा सिर पर बना रहे।

गणपति बप्पा मोरया!

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