37.97 लाख रुपये का मुद्देमाल जब्त; महंगी थार रॉक्स और एक्सयूवी 700 ने बढ़ाए सवाल, चार अन्य लोगों की भूमिका जांच के घेरे में
विरार। मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की अमली पदार्थ विरोधी शाखा-2 ने विरार पूर्व के गोपचरपाड़ा-मकवाना इलाके में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 540 ग्राम गांजा बरामद किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गांजे समेत कुल करीब 37.97 लाख रुपये का मुद्देमाल जब्त किया गया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अल्ताफ इब्रार हुसैन सैय्यद और राहुल पलई शर्मा (21) के रूप में हुई है। राहुल शर्मा विरार पूर्व के विजय नगर, गोपचरपाड़ा का निवासी बताया गया है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, अल्ताफ सैय्यद ने राहुल शर्मा को कथित तौर पर 12 हजार रुपये मासिक वेतन पर काम पर रखा था। पुलिस अब राहुल की भूमिका और कथित मादक पदार्थ कारोबार से उसके संबंध की जांच कर रही है।
महंगी गाड़ियों की मौजूदगी से उठे सवाल

पुलिस कार्रवाई के दौरान गांजे के साथ कई वाहन और नकदी भी जब्त की गई। पुलिस दस्तावेज के अनुसार जब्त सामान में करीब 20 लाख रुपये कीमत की महिंद्रा थार रॉक्स, 15 लाख रुपये की महिंद्रा एक्सयूवी 700, करीब 2.50 लाख रुपये कीमत की रॉयल एनफील्ड क्लासिक 650 और 20,070 रुपये नकद शामिल हैं।
पुलिस दस्तावेज के मुताबिक जब्त मुद्देमाल की कुल कीमत 37,97,070 रुपये है।
महंगी गाड़ियों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस वाहन मालिकाना हक, खरीद से जुड़े दस्तावेज, आर्थिक लेन-देन और आरोपियों की आय के स्रोत की भी जांच कर सकती है। हालांकि, इन वाहनों और कथित मादक पदार्थ कारोबार के बीच संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

चार अन्य लोगों की भूमिका की जांच
पुलिस जांच में कथित तौर पर चार अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने के संकेत मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों के संपर्क किन लोगों से थे और गांजे की कथित आपूर्ति का नेटवर्क किस स्तर तक फैला हुआ था।
स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों के सामाजिक रूप से मददगार या ‘मसीहा’ के तौर पर सक्रिय होने को लेकर चर्चाएं होने की बात भी सामने आई है। हालांकि, किसी व्यक्ति को अपराध में शामिल या आरोपी बताने के लिए पुलिस जांच और ठोस साक्ष्यों का सामने आना जरूरी है।
शाहूराज रणवरे के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई मीरा-भायंदर, वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की अमली पदार्थ विरोधी शाखा-2 के प्रभारी शाहूराज रणवरे के मार्गदर्शन में की गई।
पुलिस उपनिरीक्षक मनीष साबले और संदेश राणे के साथ पुलिस हवलदार नरले, अजीत और गायकवाड़ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर गोपचरपाड़ा-मकवाना इलाके में कार्रवाई की।
मामले में विरार पुलिस थाने में गु.र.क्र. 555/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल पुलिस जब्त वाहनों, आर्थिक लेन-देन, कथित अन्य साथियों और गांजे की आपूर्ति के स्रोत की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले में और लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकती है।
नोट: यह खबर पुलिस कार्रवाई और उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्ति कानून की नजर में तब तक आरोपी हैं, जब तक अदालत में आरोप सिद्ध नहीं हो जाते।




