प्रस्तावित चार करोड़ के पुल को लेकर वसई में सियासी घमासान |

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बविआ और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज, नगरसेविका ज्योत्सना भगली ने विधायक स्नेहा दुबे पंडित के आरोपों पर किया पलटवार

वसई। वसई के चिंचोटी में प्रस्तावित पुल के निर्माण को लेकर बहुजन विकास आघाड़ी (बविआ) और भाजपा के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। गणेशोत्सव मंडप में दर्शन के लिए पहुंचीं वसई की विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने आरोप लगाया था कि प्रस्तावित पुल का काम स्थानीय नगरसेविका के पति शरद भगली के कारण रुका हुआ है।

विधायक के इस बयान के बाद नगरसेविका ज्योत्सना भगली ने पलटवार करते हुए पुल के काम को लेकर अलग दावा पेश किया है।

ज्योत्सना भगली ने आरोपों को किया खारिज

नगरसेविका ज्योत्सना भगली के अनुसार, करीब चार करोड़ रुपये की लागत वाले प्रस्तावित पुल को मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने दावा किया कि पुल के लिए पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर के साथ-साथ उनके पति शरद भगली ने भी प्रशासनिक स्तर पर लगातार प्रयास और पाठपुरावा किया है।

ज्योत्सना भगली ने कहा कि ऐसी स्थिति में उनके पति पर पुल का काम रुकवाने का आरोप उचित नहीं है।

उन्होंने विधायक स्नेहा दुबे पंडित के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “गणपति बप्पा के सामने तो कम से कम झूठ मत बोलिए।”

विकास कार्य को लेकर राजनीतिक बयानबाजी

चिंचोटी पुल को लेकर सामने आए इन बयानों के बाद मामला स्थानीय विकास कार्य से आगे बढ़कर बविआ और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।

एक ओर विधायक स्नेहा दुबे पंडित की ओर से पुल का काम रुकने को लेकर स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी तय किए जाने का आरोप सामने आया है, वहीं नगरसेविका ज्योत्सना भगली ने पुल को मंजूरी मिलने और उसके लिए पूर्व विधायक हितेंद्र ठाकुर तथा शरद भगली द्वारा प्रयास किए जाने का दावा किया है।

फिलहाल पुल की मंजूरी, प्रशासनिक प्रक्रिया, निविदा और निर्माण कार्य शुरू होने की वास्तविक स्थिति को लेकर संबंधित सरकारी विभाग का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। दोनों पक्षों के दावों के बीच स्थानीय नागरिकों की नजर अब पुल के निर्माण की अगली प्रक्रिया पर है।

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