नवरात्रि कार्यक्रम के लिए कथित अनधिकृत बिजली कनेक्शन से ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट की आशंका; इमारत का अग्निशमन सिस्टम भी मिला बंद
नालासोपारा | ब्यूरो चीफ: राजेश कोरी
नालासोपारा पूर्व के अचोले स्थित इम्पीरियल हेरिटेज आवासीय इमारत में मंगलवार रात लगी भीषण आग ने भारी नुकसान पहुंचाया। इस हादसे में 22 फ्लैट क्षतिग्रस्त हो गए, जिनमें से दो फ्लैट पूरी तरह जलकर खाक हो गए, जबकि 20 अन्य फ्लैटों को आंशिक नुकसान पहुंचा। आग की इस घटना में फाल्गुनी शाह और अश्विनी पारकर नामक दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि छह अन्य लोग घायल हुए।
वसई-विरार शहर महानगरपालिका के अग्निशमन विभाग ने गुरुवार को घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद आग लगने के संभावित कारणों की जानकारी दी। प्रारंभिक आशंका जताई गई है कि सोसायटी परिसर में नवरात्रि उत्सव के लिए कथित तौर पर अनधिकृत बिजली कनेक्शन लिया गया था। इससे बिजली पर अतिरिक्त भार बढ़ने और शॉर्ट सर्किट होने की संभावना बताई गई है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
लकड़ी के दरवाजों से तेजी से फैल सकती थी आग
आग इमारत की बी विंग की 13वीं मंजिल पर लगी थी। अग्निशमन विभाग के प्रमुख रोहन मोरे के अनुसार, फ्लैटों के प्रवेश द्वार पर लगे लकड़ी के दरवाजे भी आग की लपटों को तेजी से फैलाने की संभावित वजह हो सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इमारत की अग्नि सुरक्षा प्रणाली काम नहीं कर रही थी। इस जानकारी के सामने आने के बाद इमारत में अग्नि सुरक्षा के इंतजाम और उनके रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बिल्डर को नोटिस, निवासियों से भी मांगा गया स्पष्टीकरण
जानकारी के मुताबिक, बिल्डर ने वर्ष 2023 में इमारत का कब्जा निवासियों को सौंपा था। इमारत की तीनों विंग के लिए अलग-अलग आवासीय सोसायटियां बनाने की मांग को लेकर पहले भी विवाद सामने आया था। यह मामला बाद में उप-पंजीयक कार्यालय तक पहुंचा था।
अचोले पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक सुजीतकुमार पवार ने बताया कि घटना के संबंध में बिल्डर को नोटिस जारी किया गया है। इसके साथ ही निवासियों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
बी विंग की बिजली आपूर्ति बंद, कुछ निवासियों के ठहरने की व्यवस्था
हादसे के बाद गुरुवार तक प्रभावित बी विंग की बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हुई थी। कुछ निवासियों के ठहरने के लिए आसपास के होटलों में व्यवस्था की गई है।
इस घटना ने इमारत की अग्नि सुरक्षा प्रणाली, बिजली व्यवस्था और रखरखाव से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। अब आग लगने के वास्तविक कारणों और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों को लेकर जांच के नतीजों पर नजर रहेगी।
रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ राजेश कोरी
संपादकीय सावधानी: आग के कारणों, कथित अनधिकृत बिजली कनेक्शन और अग्निशमन प्रणाली की स्थिति से संबंधित निष्कर्षों को जांच के आधार पर ही अंतिम रूप दिया जाना चाहिए। फिलहाल बिजली ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट की बात प्रारंभिक आशंका के रूप में सामने आई है।




