तेरहवीं के कुछ दिन बाद बिगड़ी विनोद यादव की तबीयत, वाराणसी में उपचार के दौरान निधन; रामघाट पर हुआ अंतिम संस्कार
जौनपुर। सराय ख्वाजा थाना क्षेत्र के मोकलपुर गांव में एक ही परिवार में कम समय के भीतर दो लोगों की मौत से शोक का माहौल है। मां के निधन के करीब 20 दिन के भीतर उनके छोटे बेटे विनोद यादव (45) का भी उपचार के दौरान निधन हो गया। इस दुखद घटना से गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
मां के निधन के बाद बेटे की तबीयत बिगड़ी
जानकारी के अनुसार, मोकलपुर निवासी सुखराजी देवी की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। मां की तबीयत की जानकारी मिलने पर उनके छोटे बेटे विनोद यादव विदेश में नौकरी छोड़कर भारत आए थे। मां के निधन के बाद 21 अक्टूबर को तेरहवीं का कार्यक्रम संपन्न हुआ।
इसके तीन दिन बाद, 24 अक्टूबर को विनोद यादव की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन उन्हें उपचार के लिए वाराणसी के अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
एक ही परिवार में इतने कम समय के भीतर मां और बेटे की मौत की खबर से गांव के लोग स्तब्ध रह गए। विनोद यादव के निधन की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
रविवार को रामघाट पर विनोद यादव का अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जुटी और नम आंखों से उन्हें विदाई दी गई।
परिवार में शोक की लहर
विनोद यादव, कतर में प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में कार्यरत सुभाष चंद्र यादव के छोटे भाई थे। लगातार दो मौतों से परिवार गहरे दुख में है। मोकलपुर गांव सहित आसपास के क्षेत्र में इस घटना को लेकर शोक का माहौल बना हुआ है।
संवाददाता: शम्भू विश्वकर्मा
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