आगरा, 6 जनवरी 2026:
नेचुरोपैथी विशेषज्ञ डॉ. मीना अग्रवाल ने सर्दियों के मौसम में आंवले के सेवन के अनेक स्वास्थ्य लाभों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि आंवला न केवल विटामिन-सी का उत्कृष्ट स्रोत है, बल्कि यह पाचन शक्ति, नींद की गुणवत्ता, त्वचा व बालों के स्वास्थ्य तथा प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डॉ. अग्रवाल ने सुझाव दिया कि सर्दियों में प्रतिदिन सुबह व्यायाम के बाद दो कच्चे, पके व हरे आंवले चबाकर खाने चाहिए। जिन्हें कच्चा आंवला न खाना हो, वे ताज़े आंवले का रस निकालकर एक चम्मच शहद के साथ सेवन कर सकते हैं। यदि ताज़ा आंवला उपलब्ध न हो, तो सूखे आंवले का उपयोग भी लाभदायक है। रात्रि में 3 ग्राम आंवले का चूर्ण पानी के साथ लेना चाहिए।
उन्होंने बताया कि नियमित आंवला सेवन से पाचन सुधरता है, गहरी नींद आती है, सिरदर्द कम होता है और दांत मजबूत रहते हैं। बाल काले, घने व चमकदार हो जाते हैं। आंवला, शिकाकाई व रीठा को मिलाकर सिर धोने का प्राकृतिक पाउडर बनाया जा सकता है, जो बालों के लिए अत्यंत लाभदायक है।
डॉ. अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि आंवले में प्रबल एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जो शरीर को अनेक रोगों से स्वाभाविक रूप से बचाते हैं। यह रक्त को शुद्ध करने, रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने तथा उच्च रक्तचाप के जोखिम को कम करने में सहायक है। नियमित सेवन से शरीर की धातुएं—रस, रक्त, मांस, अस्थि, मज्जा व शुक्र—संतुलित रहती हैं, जिससे चेहरे की झुर्रियां कम होती हैं और बुढ़ापे में भी शारीरिक स्फुर्ति बनी रहती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि आंवले का मुरब्बा या आचार नियमित रूप से न खाया जाए, खासकर मधुमेह (डायबिटीज) के रोगियों को, क्योंकि इसमें अधिक मात्रा में चीनी होती है। हालांकि, ताज़ा या सूखा आंवला सभी के लिए लाभदायक है।
अंत में, डॉ. अग्रवाल ने सलाह दी कि आंवले का रस घर पर स्वयं तैयार करके दाल या सब्जी में डाला जा सकता है, जो पोषण के साथ-साथ स्वाद की दृष्टि से भी उत्कृष्ट है। उन्होंने आह्वान किया कि प्राकृतिक जीवनशैली के अनुसार आंवले को स्वास्थ्य की रक्षा के लिए अपनाया जाए।