पटना, बिहार की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। जानकारी के अनुसार, 8 मार्च को जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करने के साथ ही निशांत कुमार अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत करेंगे। इस दौरान वे पूरे बिहार का दौरा करेंगे और अलग-अलग जिलों में जाकर लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और विचारों को जानने की कोशिश करेंगे। यह यात्रा ठीक उसी तरह होगी जैसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार वर्षों से राज्य के विभिन्न हिस्सों में जाकर लोगों से सीधा संवाद करते रहे हैं। पार्टी के नेताओं का मानना है कि इस पहल के जरिए निशांत कुमार भी धीरे-धीरे बिहार की राजनीति में अपनी पहचान बनाएंगे। नीतीश कुमार ने अब तक 16 बार बिहार यात्रा कार्यक्रम चलाकर विभिन्न इलाकों का दौरा किया और विकास कार्यों की समीक्षा की। इसी दौरान उन्होंने जीविका योजना की शुरुआत की, जिसके माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई। जीविका समूहों की महिलाओं की सलाह पर ही राज्य में शराबबंदी जैसा बड़ा और ऐतिहासिक फैसला भी लागू किया गया था। उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए निशांत कुमार भी राज्यभर की यात्रा पर निकलने की तैयारी कर रहे हैं। पार्टी के कई नेताओं का यह भी मानना है कि स्वभाव और व्यक्तित्व के मामले में निशांत कुमार में काफी हद तक अपने पिता नीतीश कुमार की झलक दिखाई देती है। उन्हें शांत, गंभीर और सादगी पसंद व्यक्ति माना जाता है। यही वजह है कि कई लोग उन्हें नीतीश कुमार की शैली का ही संभावित राजनीतिक उत्तराधिकारी मानकर देख रहे हैं। निशांत कुमार का जन्म 20 जुलाई 1975 को हुआ था। उनकी शुरुआती पढ़ाई पटना के सेंट कैरेंस स्कूल और केंद्रीय विद्यालय में हुई। इसके बाद उन्होंने मसूरी के मानव भारती इंडिया इंटरनेशनल स्कूल से 12वीं की शिक्षा पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने बीआईटी मेसरा, रांची से सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। निशांत कुमार लंबे समय तक राजनीति और मीडिया की चकाचौंध से दूर रहे हैं। उनकी रुचि अध्यात्म में बताई जाती है और वे एक सादगीपूर्ण जीवन शैली के लिए जाने जाते हैं। अब सक्रिय राजनीति में उनके प्रवेश और बिहार दौरे की शुरुआत को राज्य की राजनीति में एक नई हलचल के रूप में देखा जा रहा है।
ब्यूरो चीफ : विनोद प्रसाद।