---Advertisement---

वसई-विरार में स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाओं का मुद्दा विधानसभा में गूंजा |

---Advertisement---

महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में वसई क्षेत्र की विधायक ने वसई-विरार शहर में स्वास्थ्य सेवाओं और शैक्षणिक ढांचे से जुड़े अहम विषय को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ती आबादी के बावजूद क्षेत्र में मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं का पर्याप्त विकास नहीं हो पाया है। विधायक ने सदन को बताया कि को बने करीब 16 साल हो चुके हैं और यहां की आबादी लगभग 24 लाख तक पहुंच गई है। इतनी बड़ी जनसंख्या होने के बावजूद महानगरपालिका के अंतर्गत एक भी पूरी तरह आधुनिक और सभी सुविधाओं से युक्त अस्पताल उपलब्ध नहीं है, जो कि चिंताजनक स्थिति है। सार्वजनिक स्वास्थ्य मानकों के अनुसार हर 50 हजार लोगों पर एक शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होना चाहिए। इस आधार पर वसई-विरार क्षेत्र में करीब 48 स्वास्थ्य केंद्रों की जरूरत बताई गई, जबकि वर्तमान समय में केवल 21 केंद्र ही कार्यरत हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में नागरिकों को उपचार के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सदन में यह भी बताया गया कि 29 अक्टूबर 2020 को जारी सरकारी आदेश के अनुसार तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और 12 उपकेंद्र महानगरपालिका को हस्तांतरित करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन कई वर्ष बीत जाने के बावजूद इस निर्णय को जमीन पर लागू नहीं किया गया। इसके अलावा 16 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वसई-विरार क्षेत्र के तीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 12 उपकेंद्र और 116 जिला परिषद विद्यालयों को महानगरपालिका के अधीन देने का निर्देश दिया गया था। बावजूद इसके अब तक इस दिशा में ठोस प्रगति नहीं हो पाई है। विधायक ने सरकार से मांग की कि इन संस्थानों के हस्तांतरण की स्पष्ट समयसीमा घोषित की जाए ताकि क्षेत्र के नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इस पर जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि यह मामला नगर विकास और ग्राम विकास विभाग दोनों से संबंधित है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और दोनों विभागों के समन्वय से लगभग एक महीने के भीतर इस पर ठोस निर्णय लागू करने का प्रयास किया जाएगा। विधायक स्नेहा दुबे पंडित ने जोर देकर कहा कि वसई-विरार के लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और बेहतर शिक्षा व्यवस्था मिलनी चाहिए, इसलिए इस विषय का जल्द समाधान होना आवश्यक है।

Join WhatsApp

Join Now

---Advertisement---
Rajesh