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13 वर्ष कोमा में रहने के बाद हरीश राणा का देहदान – 8 जिंदगियों को मिला नया जीवन |

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गाज़ियाबाद/नई दिल्ली, 18 मार्च 2026:
हरीश राणा (गाज़ियाबाद), जो पिछले 13 वर्षों से कोमा में जीवन-मृत्यु की कठोर जंग लड़ रहे थे, ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा इच्छा मृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति प्राप्त करने के बाद आज संसार से विदा ले ली। उनकी इस विदाई को महान बनाते हुए उन्होंने 8 व्यक्तियों को अंगदान कर नया जीवन प्रदान किया।
एम्स (AIIMS) ले जाते समय हरीश राणा का अपने परिजनों से हाथ जोड़कर माफी मांगना और विदा लेना उपस्थित प्रत्येक व्यक्ति के लिए अत्यंत भावुक कर देने वाला क्षण था। उनके इस अंतिम क्षण में भी उन्होंने मानवता का पाठ पढ़ाया।
हरीश राणा ने अपने अंतिम समय में निम्नलिखित अंग दान किए:
❤️ हृदय (Heart) – 1 जीवन
🫁 किडनी (Kidneys) – 2 जीवन
👁️ रेटिना (Eyes) – 2 जीवन
अन्य अंग – 3 जीवन
कुल 8 व्यक्तियों को मिला नया जीवन
हरीश राणा की यह महान पहल समाज के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने न केवल अपनी 13 वर्षों की पीड़ा को समाप्त किया, बल्कि जाते-जाते 8 परिवारों में खुशियां लौटाईं। उनका दिल अब किसी और के सीने में धड़केगा और उनकी आंखों से कोई और व्यक्ति यह सुंदर दुनिया देखेगा।
देहदान संकल्पकर्ता गजेंद्र गौड़ (गज्जूभय्या, आकोला) ने इस महान कार्य के प्रति अपनी श्रद्धांजलि व्यक्त की है।
हम हरीश राणा की पुण्य आत्मा को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं और उनके परिवार को इस दुख की घड़ी में धैर्य धारण करने की शक्ति प्रदान करने की कामना करते हैं। उनका यह मानवीय कार्य सदैव स्मरणीय रहेगा।

ब्यूरो चीफ : शरद शर्मा

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Rajesh