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नीतीश कुमार ने संसद भवन में ली राज्यसभा सदस्य की शपथ, चारों सदनों का रिकॉर्ड अपने नाम किया |

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बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (यू) के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार ने शुक्रवार को संसद भवन में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण की। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के स्थान पर वरिष्ठ सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस शपथ ग्रहण के साथ ही नीतीश कुमार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वे अब विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा — चारों सदनों के सदस्य बनने वाले देश के गिने-चुने नेताओं में शामिल हो गए हैं।
वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान संसद भवन में विभिन्न राजनीतिक दलों के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, जदयू नेता ललन सिंह, संजय कुमार झा, बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश तथा भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी सहित अन्य सांसदों ने नीतीश कुमार को बधाई दी।
राजनीतिक महत्व और भविष्य की भूमिका
राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने के बाद नीतीश कुमार ने संसद के उच्च सदन में अपनी नई पारी की शुरुआत कर दी है। वे देश के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं और पूर्व में लोकसभा, बिहार विधानसभा और विधान परिषद में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। राज्य की राजनीति में इस कदम के दूरगामी प्रभाव पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है।
बधाई संदेशों का सिलसिला
राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने पर नीतीश कुमार को बधाई और शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है। उनके पुत्र निशांत कुमार ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से पिता को इस उपलब्धि पर बधाई दी।
जदयू नेता संजय कुमार झा ने इस अवसर पर कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि राज्यसभा में नीतीश कुमार का अनुभव, दूरदर्शिता और जनहित के प्रति समर्पण देश की नीतियों को नई दिशा देगा तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका और अधिक प्रभावी होगी।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने सोशल मीडिया पर अंग्रेजी में लिखा कि वे औपचारिक बधाई नहीं देंगे, बल्कि इतना कहेंगे कि ‘बिहार आपको मिस करेगा’। उन्होंने आगे लिखा कि बिहार के लोग यही महसूस कर रहे हैं।
आगे की राह
नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद अब यह देखा जाना बाकी है कि वे केंद्र स्तर पर अपनी राजनीतिक भूमिका को कैसे आकार देते हैं और बिहार के मुद्दों को संसद के उच्च सदन में किस प्रकार उठाते हैं।

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Rajesh