पालघर जिले के मनोर क्षेत्र में पुलिस अधिकारी का भेष बनाकर बुजुर्ग नागरिक से सोने के आभूषण छीनने के मामले में स्थानीय पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने मुख्य आरोपी जावेद जाफरी को गिरफ्तार कर उसके पास से लगभग एक लाख पैंतालीस हजार रुपये मूल्य की सोने की चेन और अंगूठी बरामद की है।
पुलिस के अनुसार, दिनांक 15 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 11:20 बजे फिर्यादी दामोदर काशीनाथ चाफेकर (71 वर्ष), निवासी मनोर, मछली बाजार से मटन लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान विठ्ठल मंदिर के पास मेन गेट के सामने एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आया और स्वयं को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि इस इलाके में चोरी की घटनाएं बढ़ रही हैं, इसलिए सोने की चेन पहनकर घूमना सुरक्षित नहीं है। यदि चेन पहनी हुई मिली तो पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके बाद आरोपी ने फिर्यादी से उनकी गले की सोने की चेन और हाथ की अंगूठी निकालने को कहा। उसी समय एक दूसरा व्यक्ति वहां आया और अपने गले की चेन निकालकर देने का नाटक किया, जिससे फिर्यादी का विश्वास जीत लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने फिर्यादी के आभूषण लेकर उन्हें कागज में लपेटकर वापस बैग में रखने का दिखावा किया, लेकिन वास्तव में उन्हें नहीं रखा और मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए।
इस मामले में मनोर पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318(4), 204, 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 68/2026 दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पालघर यतीश देशमुख के निर्देशन में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया।
जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी जावेद जाफरी (38 वर्ष), निवासी मानी मंगालनगर, आंबिवली, तालुका कल्याण, जिला ठाणे को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने दिनांक 17 अप्रैल 2026 को आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से चोरी की गई सोने की चेन और अंगूठी, कुल मूल्य लगभग 1,45,000 रुपये, बरामद की।
माननीय न्यायालय ने आरोपी को 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस हिरासत में भेजा है। पुलिस के अनुसार, मामले में अन्य सह-आरोपियों की तलाश जारी है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने पूर्व में दादरा नगर हवेली क्षेत्र के सिलवासा पुलिस स्टेशन में वर्ष 2026 में समान प्रकार के अपराध करने की बात भी स्वीकार की है।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पालघर यतीश देशमुख, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विनायक नर्ले तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी (बोईसर विभाग) विकास नाइक के मार्गदर्शन में मनोर पुलिस टीम द्वारा संपन्न की गई।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अज्ञात व्यक्तियों द्वारा पुलिस या अधिकारी बनकर किए जाने वाले किसी भी प्रकार के संदेहास्पद व्यवहार पर सतर्क रहें और तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन में सूचना दें।